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Monday, 23 March, 2026
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देश की न्यायपालिका नागरिकों को निराश कर रही है. जब आज़ादी खतरे में होती है, तब जज आंखें फेर लेते हैं

अगर आप पर ऐसे अपराध का आरोप लगता है जिसके लिए सबूत का एक भी टुकड़ा नहीं है, तो भी जज आपको जेल भेज देगा.

नितिन नवीन की BJP अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति इलेक्शन नहीं, सिलेक्शन है

नितिन नबीन की नियुक्ति दिखाती है कि बीजेपी भी अन्य राजनीतिक दलों की तरह है, जहां पार्टी के बड़े नेता चुनाव प्रक्रिया को सख्ती से नियंत्रित करके संगठन के प्रमुख का फैसला करते हैं.

जनगणना 2027 में प्रवासी मज़दूर कहां गिने जाएंगे—जन्मभूमि या कर्मभूमि?

यह जनगणना अलग-अलग जाति समूहों की संख्या और उनकी आय—दोनों का नक्शा तैयार करेगी. इससे उन लोगों को आधार मिलेगा, जो एससी/एसटी आरक्षण से ‘क्रीमी लेयर’ को बाहर करने की मांग करते हैं.

जनसंख्या का डर, ‘बिमारू’ की सोच और फ्रीज सीटें: जनगणना 2027 खोलेगी परतें

यह समझने के लिए कि 1971 को भारत की संसदीय सीटों का आधार क्यों बनाया गया, 1960 के दशक के उस माल्थसवादी डर को फिर से देखना होगा, जो विकास से जुड़ी सोच पर हावी था.

भारतीय छात्र युद्ध क्षेत्रों में फंस रहे हैं—डॉक्टर बनाने के लिए परिवार बच्चों को कहीं भी भेज रहे हैं

मुझे उम्मीद है कि ईरान में भारतीय छात्र सुरक्षित घर लौट आएंगे. उन्होंने घर और विदेश में बहुत दुख झेला है. लेकिन एक ऐसा कल्चर जो 2026 में सिर्फ़ दो प्रोफेशन को ही स्वीकार करता है, वह इससे कुछ नहीं सीखेगा. अगली निकासी में मिलते हैं.

लालफीताशाही बन रही है साइंस की सबसे बड़ी उलझन, IISc ने दिया आसान फॉर्मूला

जब फ्लेक्सिबिलिटी नहीं दी जाती, तो ग्रांट खोज और नए आविष्कार का साधन नहीं रहती, बल्कि सिर्फ नियम-कायदे पूरे करने की प्रक्रिया बन जाती है.

गलत उच्चारण से लेकर बकाया भुगतान तक—BJP की ‘बंगाल विरोधी’ सोच के 10 उदाहरण

बीजेपी-संघ परिवार की बंगाल विरोधी सोच का सबसे साफ उदाहरण उसके नेताओं द्वारा ममता बनर्जी के खिलाफ इस्तेमाल की गई बेहद पितृसत्तात्मक और महिला-विरोधी भाषा है.

मौनी अमावस्या और पीएम मोदी—भारत की सोची-समझी चुप्पी के क्या मायने हैं

वैश्विक शोर-शराबे के माहौल में भारत का प्रतीकात्मक ‘मौनव्रत’ कूटनीति का सबसे प्रभावी साधन है. यह नई दिल्ली की रणनीतिक अस्पष्टता को बनाए रखता है.

जनगणना 2027 खास है, यह 1971 से लगी निर्वाचन क्षेत्रों की रोक को खत्म कर सकती है

पहली डिजिटल जनगणना के नतीजे जब अब से करीब 16 महीने बाद सामने आने लगेंगे, तो वे कई तरह के मतभेद और असंतोष का पिटारा खोल देंगे.

नितिन नबीन को अपने पूर्ववर्ती नड्डा से अलग रास्ता क्यों बनाना होगा

बड़ा सवाल यह है कि नितिन नबीन RSS के साथ कितनी सक्रियता से जुड़ेंगे. संघ को उनका नाम एक तय फैसले के तौर पर बताया गया—पुष्टि के लिए नहीं, सिर्फ जानकारी के लिए.

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असम में एंबुलेंस और ट्रक की टक्कर में छह लोगों की मौत, दो अन्य घायल

तेजपुर, 22 मार्च (भाषा) असम के सोनितपुर जिले में रविवार रात को एम्बुलेंस और ट्रक की टक्कर हो जाने से उनमें सवार छह...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.