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Friday, 30 January, 2026
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भारत का विपक्ष बीजेपी से कम, खुद से ज़्यादा लड़ रहा है

बिहार के चुनाव नतीजों ने ऐसा पल बनाया है जो सिर्फ BJP ने क्या हासिल किया इस पर नहीं, बल्कि विपक्ष ने क्या खो दिया इस पर भी है.

ज़मीन विवादों को खत्म करने की शुरुआत—रजिस्ट्रेशन बिल 2025 क्यों है गेमचेंजर

हर कानून में एक तय समय पर समीक्षा की तारीख होनी चाहिए, ताकि बदलाव सोच-समझकर हों, न कि यूं ही या सिर्फ राजनीतिक फायदा लेने के लिए.

अब भारत को आगे बढ़ना होगा, ‘नौतून बांग्लादेश’ से जुड़िए

पांच दशक पुराने इतिहास से जुड़ी कोई भी लंबी चाहत अब वर्तमान रिश्तों को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचाएगी.

बिहार के बाद वोट शेयर बनाम सीट शेयर की बहस फिर लौट आई है, लेकिन यह क्यों ज़रूरी है

हमें पहले उन मुश्किल मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए जो मतदाताओं की नज़र में चुनाव प्रक्रिया की वैधता को कम करते हैं — जैसे कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना.

बिहार चुनाव नतीजे असम, बंगाल, तमिलनाडु और केरल में BJP की संभावनाओं के बारे में क्या बताते हैं

एनडीए का बहुत बड़ा सामाजिक गठबंधन था, जिसमें अत्यंत पिछड़े वर्ग, गैर-यादव ओबीसी, दलित, ऊंची जातियां शामिल थीं, जिन्होंने बिहार में भारी जीत दिलाई.

बिहार के वोटरों ने साफ संदेश दिया — न बांटने वाली राजनीति चलेगी, न पुराने ढर्रे की बातें

बिहार के वोटर वंशवादी राजनीति, अल्पसंख्यक राजनीति या जाति की राजनीति नहीं चाहते—ये सब कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए गए पुराने, पिछड़े और बांटने वाले हथकंडे हैं.

मोदी सरकार के सीड्स बिल 2025 को पंजाब के किसानों के लिए क्या देना चाहिए

ड्राफ्ट सीड्स बिल में बड़े आइडिया सही हैं — यूनिवर्सल रजिस्ट्रेशन, ट्रेसबिलिटी, असली पेनल्टी. पंजाब के लिए काम तभी बनेगा जब इसमें फेडरल सिस्टम और किसान-हित से जुड़े बारीक मुद्दे ठीक से तय हों.

हिसाब साफ है, रूसी तेल की खरीद भारत के लिए घाटे का सौदा बन गया है

इस सौदे का नतीजा यह निकला है कि श्रम आधारित सेक्टरों के लाखों कामगारों को होने वाला लाभ चंद बड़ी रिफाइनरियों को सौंप दिया गया है.

कश्मीर के नए दौर के जिहादी अब सिर्फ सेना नहीं, बल्कि भारत के दिल पर हमला करना चाहते हैं

2019 के बाद कश्मीर में असली लोकतांत्रिक संस्कृति बनाने में कोई प्रगति न होने से जिहादी सोच को बढ़ावा मिल रहा है.

तेजस्वी यादव क्यों हार गए — बिहार बदल गया, लेकिन RJD नहीं बदली

मंडल राजनीति की सबसे बड़ी प्रतिनिधि रही RJD अब ऐसी राजनीतिक स्थिति में है, जहां लाभकारी योजनाएं, अच्छा शासन और नई उम्मीदें पुराने जातीय समीकरणों पर भारी पड़ रही हैं.

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अजित पवार की मौत ने भारतीय राजनीति में एक और ‘क्या होता अगर’ वाली बहस छोड़ दी है

दीन दयाल उपाध्याय की हत्या और माधवराव सिंधिया के प्लेन क्रैश से लेकर गांधी परिवार की हत्याओं तक, राजनीति में जो कुछ भी होता है, उसका हिसाब-किताब से कम और किस्मत से ज़्यादा लेना-देना होता है.

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आंध्र प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, जगन ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी

अमरावती, 30 जनवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और वाईएसआरसीपी सुप्रीमो वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.