scorecardresearch
Saturday, 7 March, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

हुसैन ओबामा, मोदी UCC पिच, बकरीद बकरी-टीवी चैनलों की मुसलमानों के प्रति बेवजह की सनक

भारत के अखबार भारतीय टीवी समाचारों की तरह ‘मुसलमान’ के पीछे नहीं भागते और कहानियां कुछ भी हो सकती हैं जब तक कि मुसलमान शामिल हों और उनका नाम लिया जा सके.

अली सेठी, पसूरी इतने बड़े हैं कि अरिजीत सिंह इन्हें हासिल करने की कोशिश में छोटे लग रहे हैं

हिंदी फिल्मों में रीमेक क्षेत्रीय गानों को बड़े पैमाने पर दर्शकों तक पहुंचाते हैं, लेकिन इसका क्रेडिट बड़े बॉलीवुड गायक को मिलता है, मूल कलाकार को नहीं.

पीवी नरसिम्हा राव भारत के ऐसे PM जिसने सबसे ज्यादा अपमान झेला और जानबूझकर उन्हें गलत समझा गया

नरसिम्हा राव की कार्यशैली इतनी शालीन थी कि वे आत्म-निषेध की हद तक जाती थी, जिसे किसी राजनीतिक नेता का गुण नहीं माना जाता, लेकिन उनका तरीका मुकम्मिल और प्रभावी था.

मोदी ने अमेरिका के साथ रक्षा सौदे पर हस्ताक्षर कर दिए, अब DRDO और निजी क्षेत्रों को नतीजे देने होंगे

सरकार द्वारा सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों को सक्षम किए बिना, मोदी और बाइडेन के बीच हस्ताक्षरित सौदे भारत की सैन्य शक्ति को मजबूत करने की उनकी क्षमता का अहसास नहीं करा पाएंगे.

राज्यपाल VS मुख्यमंत्री विवाद ने फिर असंभव को संभव कर दिखाया — सीपीआई (एम) और BJP को एकजुट कर दिया

यह सुनिश्चित करने के लिए कि राज्य के कानून संविधान के ढांचे के भीतर आते हैं, राज्यपाल को ‘विवेकाधीन शक्तियां’ दी जाती हैं, इसे अक्सर एक राजनीतिक टूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है.

2004 में वाजपेयी की हार मोदी के लिए एक चेतावनी होनी चाहिए, दुनिया में प्रशंसा से चुनाव नहीं जीते जाते

मेरा मानना है कि अच्छे माइक्रो आंकड़े और विदेशों में मिली प्रशंसा ही चिंता का कारण है. उससे 2004 में भी जीत नहीं मिली थी, उससे अभी भी जीत नहीं मिल सकती है.

भारत और अमेरिका का औपचारिक सहयोगी बनना एकजुटता नहीं है, बल्कि इससे दूर की बात है

एक औपचारिक संधि के वास्तव में नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं. वर्तमान का गले लगना, पीठ थपथपाना और ढेर सारे आर्थिक, वित्तीय और तकनीकी संबंध ठीक काम करते हैं.

पुतिन खुद को एक राजा के रूप में देखते हैं, वह पुरानी घातक गलतियों को दोहरा रहे हैं

यूक्रेन में पुतिन की विफलता युद्ध सामग्री की कमी, कमजोर नेतृत्व और सैनिकों के पलायन के कारण हुई. यह बिल्कुल प्रथम विश्व युद्ध के दौरान tsar की विफलता की तरह है जिसके बाद रूसी क्रांति हुई.

चीन अभी भी गलवान के बारे में झूठ फैला रहा, मोदी सरकार और सेना को जांच करके इस मामले को बंद करना चाहिए

ट्विटर पर चीनी बॉट अकाउंट गलवान झड़प के बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं और भारतीय सैनिकों को अपमानित कर रहे हैं. जब तक भारत जवाब नहीं देता, यह विश्वसनीय लगेगा.'

‘याचिका स्‍वीकार की जाती है’, आखिर हर भारतीय के लिए आपातकाल को याद रखना क्यों ज़रूरी है?

1975 में आपातकाल ने लोकतंत्र पर कैसे प्रहार किया था, एक ऐसा काला अध्याय जो भारत की पहचान को धूमिल करता है. देश की जनता को विशेषकर युवा पीढ़ी को उस दिन की समझ ज़रूर होनी चाहिए.

मत-विमत

नेपाल में बालेन की लहर कायम, क्या देश को मिलेगा अब तक का सबसे युवा प्रधानमंत्री

बालेंद्र शाह की लोकप्रियता के बावजूद, यह संभावना ज्यादा है कि आरएसपी को साफ बहुमत न मिले, लेकिन नेपाली कांग्रेस को अपने सात दशक पुराने वोटर आधार का फायदा मिल सकता है.

वीडियो

राजनीति

देश

जयशंकर ने भूटान, श्रीलंका और सेशेल्स के समकक्षों से मुलाकात की

नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को श्रीलंका और भूटान के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता की...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.