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Monday, 9 February, 2026
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शिवराज सिंह चौहान का एक आदिवासी का पैर धोना, चुनावी नहीं, हिंदुत्व प्रोजेक्ट का हिस्सा है

किसी मुख्यमंत्री ने कभी ऐसा नहीं किया जो शिवराज सिंह चौहान ने किया. सिंह ने इसे प्रशासनिक और सामाजिक-व्यक्तिगत गलती के तौर पर देखा और पीड़ित आदिवासी युवक दसमत रावत को बुलाकर उसके पैर धोए और माफी मांगी.

PMJAY को तेज़ी से लागू करने की ज़रूरत- धीमी गति से बढ़ना भारत के ‘मिसिंग मिडिल’ के लिए नुकसानदायक है

PMJAY टारेगट पॉपुलेशन वह है जो सिर्फ एक ही बड़ी स्वास्थ्य दुर्घटना के बाद फाइनेंशियल कोलैप्स की स्थिति में पहुंच सकती है.

भारतीय TV सीरियल्स अभी भी ‘पति छीनने वाली दुष्ट महिलाओं पर अटके हैं’, OTT इस दौड़ में सबसे आगे

डेली सोप (धारावाहिकों) में बच्चों द्वारा पुलिस और डाकू की भूमिका निभाने में होने वाली शारीरिक हिंसा की तुलना मिर्ज़ापुर जैसे ओटीटी विशेष कार्यक्रमों में देखी जाती है.

बॉर्डर पर शुरू होता और रुकता व्यापार- विवाद का खामियाजा, नियंत्रण रेखा पर तनाव और कारोबार

नियंत्रण रेखा के पार होने वाले व्यापार को आम तौर पर सिर्फ आपसी भरोसा बढ़ाने वाले कदम के तौर पर देखा जाता है, लेकिन सरहदी इलाकों की छोटी अर्थव्यवस्था को इससे काफी फायदे होते हैं जिन्हें अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है.

निपुण भारत के दो वर्ष, एफ एल एन शिक्षा के क्षेत्र में ‘गेम-चेंजर’ हो सकता है

निपुण भारत मिशन प्राथमिक स्तर पर शिक्षा प्रदान करने के लिए एक अभिन व दृष्टिकोण अपनाता है. यह एफ एल एन कौशल को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मिशन अधिगम के पांच क्षेत्रों पर ध्यान देगा.

शी जिनपिंग के बाद कौन? कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी न होने का मतलब है चीन के लिए भविष्य में अराजकता होना

चीनी इतिहास से पता चलता है कि जब सत्ता परिवर्तन गलत होता है, तो हमेशा आंतरिक अशांति होती है.

होली, ईद, कुरान और इस्लाम खतरे में हैं — क्या पाकिस्तान इसलिए बना था?

होली पर एक सोशल मीडिया पोस्ट देश की नींव को कमज़ोर करने, इस्लाम को खतरे में डालने और सदियों पुराने सवाल को सामने लाने के लिए काफी था — क्या पाकिस्तान इसलिए बना था?

राष्ट्रीय सुरक्षा की मजबूती के लिए डिफेंस PSU में कामगारों के मूल्यांकन की नयी व्यवस्था लाइए

डीपीएसयू के कुछ पदों को सरकार से बाहर के ऐसे लोगों के लिए उपलब्ध करवाया जाए, जिनमें इन पदों के अनुरूप कुछ बुनियादी योग्यताएं हों.

डचों ने दास व्यापार में अपनी भूमिका के लिए माफी मांगी है; अब, भारत को अपनी गलतियां स्वीकार करनी चाहिए

इतिहासकार शिहाबुद्दीन अल-उमरी ने 1296-1316 के बीच अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल का जिक्र करते हुए लिखते हैं, 'हजारों गुलामों की बिक्री के बिना कोई दिन नहीं जाता था.'

मोदी की हेलियोपोलिस यात्रा से पता चलता है कि भारत ब्रिटिश सेना के अपने सैनिकों को लेकर शर्मिंदा नहीं है

पीएम मोदी की हेलियोपोलिस यात्रा बोहरा और अहमदिया सहित मुसलमानों तक उनकी पहुंच को ध्यान में रखते हुए है. नोबेल पुरस्कार विजेता ओबामा, भारत को अकेला छोड़ दें.

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‘हाल मुकाम’ में बेदखली: इंडिया आर्ट फेयर में मलबे से निकली लाल ईंटें और उनसे बनी एक बेचैन दुनिया

इंडिया आर्ट फेयर में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाला आर्टवर्क किसी परिभाषा में नहीं बंधता—गिरजेश कुमार सिंह मलबे से निकाली गई ईंटों से लोगों और उनके बैग की मूर्तियां बनाते हैं. इस प्रदर्शनी का नाम 'हाल मुकाम' है.

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रायबरेली में तेज रफ्तार कार ने निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर आठ लोगों को टक्कर मारी, चार की मौत

रायबरेली (उप्र), आठ फरवरी (भाषा) रायबरेली जिले में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर रविवार को एक तेज रफ्तार कार ने आठ लोगों को टक्कर...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.