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Monday, 23 March, 2026
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राहुल गांधी को जनरल नरवणे की आत्मकथा का अंश संसद में पढ़ने से क्यों रोका गया

जनरल एमएम नरवणे की किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' से पता चलता है कि जब चीनी टैंक भारतीय ठिकानों की ओर बढ़ रहे थे, तो उन्हें राजनीतिक नेतृत्व ने दो घंटे से ज़्यादा समय तक लटकाए रखा.

कॉलोनियल रिकॉर्ड और आज़ादी की कहानी के छूटे हुए पहलू—प्यार, पलायन, परिवार

औपनिवेशिक खुफिया तंत्र क्रांतिकारियों को व्यक्ति के रूप में नहीं बल्कि खतरे के रूप में दर्ज करता था. ऐसा करके उसने कई ज़िंदगियों को इतिहास से निष्कासित कर दिया.

सवाल यह नहीं होना चाहिए कि बलात्कारी लड़कों के साथ क्या किया जाए? पूछिए कि उन्हें हमलावर किसने बनाया

जिन छोटे लड़कों को स्कूल के काम की चिंता करनी चाहिए, वे महिलाओं को परेशान करना सीख रहे हैं. क्या अब हमें उन लोगों की लिस्ट में बच्चों को भी शामिल करना होगा जिनसे हमें खुद को बचाना है?

STT में मामूली इजाफा हुआ है, जो भारत के जोखिम देखने के तरीके में बदलाव की ओर इशारा करता है

लंबे समय के निवेशकों और बड़ी बैलेंस शीट वाली इंस्टीट्यूशनल एंटिटीज़ के लिए, इसका असर बहुत कम होता है. इसका मुख्य बोझ हाई-फ्रीक्वेंसी रिटेल ट्रेडर्स पर पड़ता है.

भारत-ईयू FTA से साझा शासन का मॉडल तैयार, €27 ट्रिलियन के मार्केट में बड़े बदलाव के संकेत

इसका सबसे साफ असर व्यापार उदारीकरण होगा, लेकिन यह समझौता सिर्फ टैरिफ तक सीमित नहीं है, इसकी संरचना इससे कहीं आगे जाती है.

बजट 2026 में खेती के लिए फंडिंग को लेकर वही पुराना तरीका दिखता है

बजट में कृषि को एक अलग क्षेत्र के रूप में नहीं देखा गया है. इसके बजाय कृषि को सात प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है.

राजनीतिक आत्मविश्वास से भरी सरकार का वैश्विक उथल-पुथल के बीच सावधानी भरा बजट

बजट ने बाज़ारों की नींद तोड़ दी है, बेशक उस तरह नहीं जिस तरह उसके मुरीदों ने उम्मीद की होगी.

1962 में रेजांग ला की लड़ाई भारत के सबसे बहादुर सैनिकों ने लड़ी, लेकिन इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं

भारतीय सैन्य इतिहास में रेजांग ला में दिखाई गई वीरता के बराबर कोई और लड़ाई नहीं मानी जाती.

मध्यकालीन भारत में कुछ OBC ‘प्रभावशाली’ थे, UGC विवाद को इतिहास कैसे समझा सकता है

मध्यकाल में मंदिर, सेना में काम के मौके और ज़मीन के दान से जाति का ऊंच-नीच तय होता था. आज यही काम शिक्षा, नौकरी, सरकारी श्रेणियां और मीडिया करते हैं.

सीजे रॉय की मौत एक अहम सवाल खड़ा करती है. टैक्स छापों पर समयसीमा क्यों नहीं है?

रोकथाम का मतलब यह नहीं हो सकता कि लगातार चलने वाली छापेमारी के लिए संस्थागत लाइसेंस मिल जाए. एक ऐसी तलाशी जो कई दिनों तक चले, जिसके बाद हफ्तों तक सील और फ्रीज लगे रहें, वह घेराबंदी जैसी लगने लगती है.

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असम में एंबुलेंस और ट्रक की टक्कर में छह लोगों की मौत, दो अन्य घायल

तेजपुर, 22 मार्च (भाषा) असम के सोनितपुर जिले में रविवार रात को एम्बुलेंस और ट्रक की टक्कर हो जाने से उनमें सवार छह...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.