अगर पर्याप्त राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई जाती तो 1000 वर्गकिमी पर पुरानी स्थिति 2020 में ही बहाल की जा सकती थी. इसकी जगह हमने विफलताओं को ढकने के लिए राजनीतिक तथा सैन्य निष्क्रियता देखी.
भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि की रफ्तार के मुक़ाबले दोगुनी रफ्तार से वृद्धि कर रही है, वैसे सांख्यिकीय व्यवस्था और डाटा बेस के साथ दीर्घकालिक समस्याएं कायम हैं.
न्यूयॉर्क की अदालत को लड़ाई का मैदान बनाने की बजाय पंजाब में विश्वसनीय राजनीतिक ताकतों (चाहे वे आपके प्रतिद्वंद्वी ही क्यों न हों) के साथ मिलकर काम करने से ही देश का ज्यादा भला होगा.
तहव्वुर राणा और डेविड हेडली के द्वारा किए गए अपराधों के चलते भारत को अमेरिका से प्रत्यर्पण के मामले को आगे बढ़ाना चाहिए और अमेरिका से भारत विरोधी गतिविधियों की जांच करने के लिए कहना चाहिए.
बीजिंग यूरोप के साथ अपने संबंधों को स्थिर करने का प्रयास कर रहा है. यह चीन समर्थक यूरोपीय संसद सदस्यों की आवाज़ को बढ़ाने के राज्य नियंत्रित मीडिया के प्रयास में सामने आया है.
रूस-यूक्रेन युद्ध के समय बीजेपी ने पीएम मोदी को ऐसे ‘विश्वगुरु’ के रूप में दिखाया था, जो दुनिया के झगड़े खत्म कर सकते हैं, लेकिन पश्चिम एशिया युद्ध के मामले में पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति में थोड़ा बदलाव किया है.