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Wednesday, 4 March, 2026
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आज नकदी, कल विकास— अपनी नाकामी छिपाने के लिए सरकारें देती हैं खैरात 

कोई भी राजनीतिक दल कृषि, बेरोजगारी और कम आय जैसे वास्तविक मसलों का कोई समाधान नहीं पेश करता लेकिन खैरात से समस्या खत्म नहीं होने वाली.

तेज़ गेंदबाज़, फिटनेस और ‘सिस्टम’— क्रिकेट में भारत पहली बार ऐसी ‘नीली क्रांति’ देख रहा है

यह दो दशकों से शिखर की ओर बढ़ने की भारतीय कामयाबी की कहानी है, 1983 वाले गौरव की क्षणिक उपलब्धि नहीं! भारत में इस खेल में व्यवस्थागत बदलाव किए गए; फास्ट बॉलिंग, फिटनेस और फील्डिंग इसकी नींव के पत्थर हैं.

भारतीय सेना को ‘मेल वॉरियर’ की संस्कृति को छोड़ना होगा, महिलाओं की सिर्फ भर्ती करना काफी नहीं है

अब जबकि बड़ी संख्या में महिलाओं को सेना में अधिकारी रैंक से नीचे के कर्मियों के रूप में भर्ती किया जाना है, तो सशस्त्र बलों को लिंग आधारित अपराधों से निपटने के लिए कानून बनाना होगा.

शाहिद अफरीदी से लेकर अब्दुल रज्ज़ाक तक पाकिस्तानी क्रिकेटरों का गंदा, पिछड़ी सोच वाला चेहरा सामने आया

प्रगतिशील और महिलाओं के प्रति सम्मान रखने की वकालत करने वाली हस्तियां पाकिस्तान में अपवाद जैसी हैं.

मध्य प्रदेश में असली सवाल: क्या राजनीतिक परिवर्तन प्रदेश में सामाजिक बदलाव की राह खोलेगा?

राज्य में सतह के नीचे ही नीचे सामाजिक परिवर्तन की शक्तियां सक्रिय हैं और बदलाव का लावा खौल रहा है.

हिंदी TV न्यूज़ के पास सुरंग हादसे के लिए समय नहीं है, उन्हें बस गाज़ा और अयोध्या की खबरें दिखानी हैं

किसी भी चैनल ने फंसे हुए मजदूरों के परिवारों का पता लगाने की कोशिश नहीं की. लेकिन देश न्यूज़़ और इंडिया वॉयस जैसे चैनलों के पास गाज़ा और इज़रायल में शोक संतप्त परिवारों के खूब फुटेज हैं.

विदेशों में भारतीय मूल के राजनेताओं पर गर्व करना बंद कीजिए, उनमें से कई लोग नकली और नस्लवादी हैं

विदेशों में कई भारतीय राजनेता नस्लवाद और साम्राज्यवाद के बेईमान समर्थक हैं. सुएला ब्रेवरमैन और विवेक रामास्वामी को ही देख लें.

‘अखिलेश-वखिलेश’ एक तरफ, तेलंगाना के मुसलमान INDIA में कांग्रेस की जगह तय करेंगे

एआईएमआईएम और बीआरएस, हालांकि निकटतम सहयोगी तो हैं लेकिन कभी गठबंधन में नहीं रहे.

राहुल गांधी कांग्रेस के वेलफेयर एजेंडे को नया आकार दे रहे हैं, मैं इसे शूद्र विकास मॉडल कहता हूं

भाजपा के आर्थिक मॉडल के विपरीत, जो बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाता है, कांग्रेस उन लोगों पर ध्यान केंद्रित करती है जो भूमि और श्रम से धन पैदा करते हैं.

2024 तमिलनाडु में एक चौंकाने वाली स्थिति पैदा करेगा, तीन नए चेहरे सामने आने वाले हैं

आठ प्रमुख क्षेत्रीय नेताओं का दक्षिण भारत पर काफी प्रभाव है. दक्षिण भारत में राजनीति के राज्य-वार गहन विश्लेषण से यह पता चल सकता है कि 2024 में क्या हो सकता है.

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सुले और जयंत पाटिल ने उद्धव से मुलाकात की, राज्यसभा सीट पर नहीं हुआ फैसला

मुंबई, तीन मार्च (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले और पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने मंगलवार को...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.