‘एसओपी’ ने सिफ़ारिश की है कि इन ‘सेल्फी प्वाइंट’ पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर लगाई ‘जा सकती है’. ‘सकती है’ जैसे शब्द का इस्तेमाल विवादास्पद निर्देशों की ज़िम्मेदारी उनका पालन करने वालों पर डालने की पुरानी चाल रही है
भू-राजनीतिक टकराव और नये शीतयुद्ध ने तेल के बाजार, खाद्य तथा दूसरी सामग्री के बाज़ारों को उलट-पुलट दिया है. जलवायु परिवर्तन अलग तरह की कीमतें थोप रहा है. इसलिए, मांग भले कमजोर हो, कीमतें बढ़ेंगी.
दूसरे विश्वयुद्ध के बाद का इतिहास और इजरायल के अनुभव यही सिखाते हैं कि आपकी सेना चाहे कितनी भी ताकतवर हो, राजनीतिक और रणनीतिक मकसद हासिल करने में वह शायद ही मददगार होती है.