scorecardresearch
Friday, 6 February, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

भारत विरोधी तत्वों को शरण देने में अमेरिका कनाडा से अलग नहीं है, यह एक और 9/11 का कारण बन सकता है

तहव्वुर राणा और डेविड हेडली के द्वारा किए गए अपराधों के चलते भारत को अमेरिका से प्रत्यर्पण के मामले को आगे बढ़ाना चाहिए और अमेरिका से भारत विरोधी गतिविधियों की जांच करने के लिए कहना चाहिए.

चीन द्वारा मस्जिदों को नष्ट करना दिखाता है कि मुस्लिम केवल भारत जैसे देशों में ही फल-फूल सकते हैं

चीन सक्रिय रूप से इस्लामी वास्तुकला को चीनी विचारधारा को प्रतिबिंबित करने वाले प्रतीकों से बदल रहा है, लेकिन मुस्लिम जगत पूरी तरह से खामोश है.

तेलंगाना में कांग्रेस के पक्ष में चल रही ‘हवा’ क्या आंधी में बदलने जा रही है

चुनावी लहरों का इतिहास बताता है कि एक बार अगर लहर चल पड़ी तो फिर अंतिम क्षणों में अपनाये जाने वाले पैंतरे खास कारगर नहीं होते.

चीन यूरोप को बांटना, राज करना और जीतना चाहता है लेकिन EU इसे रोकने में काफी भ्रमित है

बीजिंग यूरोप के साथ अपने संबंधों को स्थिर करने का प्रयास कर रहा है. यह चीन समर्थक यूरोपीय संसद सदस्यों की आवाज़ को बढ़ाने के राज्य नियंत्रित मीडिया के प्रयास में सामने आया है.

क्या होगा राजे, चौहान, सिंह के लिए 3 दिसंबर को सबसे अच्छा और सबसे बुरा नजारा

बीजेपी आलाकमान को हाल ही में कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा को एक तरह से पार्टी का कमान देना पड़ा. लेकिन राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आलाकमान के पास कर्नाटक जैसी मजबूरी नहीं है.

BSF का जन्म कैसे हुआ था? पाकिस्तान की साजिश के चलते और लाल बहादुर शास्त्री की फुर्ती का परिणाम

भारत में पाकिस्तान के 1965 के सैन्य अभियान के बाद विभिन्न राज्य पुलिस बलों के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा की रक्षा करने की सीमाएं काफी स्पष्ट हो गई थीं.

बांग्लादेश, यूक्रेन, इज़रायल यही सिखाता है कि हर जंग का कोई ‘अंत’ तो होना ही चाहिए

अगर जंग से अपेक्षित नतीजे या उसके लक्ष्य अनिश्चित अथवा अस्पष्ट होंगे तो पूरी संभावना यही है कि वह एक अंतहीन या जीत न दिलाने वाली जंग में तब्दील हो जाएगी.

अमशीपोरा ‘मुठभेड़’ मामले में कोर्ट मार्शल का फैसला क्यों बदला? इसे टाला जा सकता था

2020 में मैंने चेतावनी दी थी कि कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से चलाई जाए ताकि वह एएफटी और सुप्रीम कोर्ट की वैधानिक जांच में टिक सके, लेकिन ऐसा नहीं किया गया.

भारतीय रेलवे केवल तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन सुपरफास्ट ट्रैक पर दौड़ने के लिए नया बिजनेस प्लान जरूरी

सड़क परिवहन से मुक़ाबले में पिछड़ रही रेलवे यात्री गाड़ियों से घाटा ही कमा रही है लेकिन भाड़ा न बढ़ाकर वह यात्रियों का कोई भला भी नहीं कर रही है.

अल जज़ीरा के बढ़ते पाखंड को नज़रअंदाज़ करना अब और भी कठिन होता जा रहा है

अल जज़ीरा चाहता है कि भारत पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक हो. लेकिन कतर के बारे में उसका क्या विचार है?

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

आतिशी वीडियो विवाद: दिल्ली विधानसभा ने पंजाब के डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों से जवाब मांगा

नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने आम आदमी पार्टी (आप) की नेता आतिशी के कथित रूप से ‘छेड़छाड़’ करके...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.