ज़ी न्यूज़ और आज तक ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सूचना दी, लेकिन डीडी न्यूज़ ने तुरंत इसकी घोषणा की और फिर वाइब्रेंट गुजरात का दौरा करने चला गया. रिपब्लिक भारत ‘सनातन धर्म’ की भक्ति में डूबा था.
राम मंदिर का उद्घाटन कांग्रेस की ‘धर्मनिरपेक्ष’ राजनीति के ब्रांड के लिए सबसे बड़ा झटका है. मोदी ने जनता को अपने पक्ष में करने के लिए अपनी वैचारिक लड़ाई के नियम और शर्तें नहीं बदलीं.
वार्ता तभी कीजिए जब आप मजबूत स्थिति में हों और अपने लक्ष्यों का स्पष्ट खाका आपके पास हो. कोई भी समझौता तभी सफल होता है जब उससे जुड़े सभी पक्ष को लगे कि उसकी जीत हुई है.
राम मंदिर के बाद कृष्ण मंदिर भी बन सकता है. शिव मंदिर की भी योजना हो सकती है. इन योजनाओं में धार्मिक विद्वानों, आध्यात्मिक चिंतकों और धर्मदर्शन के दार्शनिकों को आगे किया जाना चाहिए.
पिछले हफ्ते की बमबारी, जिसमें लगभग सौ लोगों की जान चली गई, ने 2020 में जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या की याद में इकट्ठा हुए शोक मनाने वालों को निशाना बनाया.
विपक्ष तब तक विफल होता रहेगा जब तक वह इस सवाल का जवाब नहीं ढूंढ लेता कि मोदी सरकार के खिलाफ उसकी कोई भी मुहिम राजनीतिक विमर्श पर हावी क्यों नहीं हो पाती
आरबीआई की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट और भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति व प्रगति पर रिपोर्ट से पता चलता है कि बैंकों और गैर-बैंक वित्तीय कंपनियों के बीच बढ़ती अंतर्संबद्धता प्रणालीगत जोखिम संबंधी चिंताएं पैदा कर सकती है.