यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान मामले में आई, जिसमें अरावली की परिभाषा और उसके संरक्षण पर सुनवाई हो रही है. वकील अनुज कौशल ने झील के हालात को उठाया, जिस पर सीजेआई ने तुरंत अपनी नाराज़गी जताई.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?