रेल मंत्रालय ने अपने पूंजिगत ख़र्च को, मौजूदा 1.6 लाख करोड़ से बढ़ाकर, 1.8 लाख करोड़ रुपए करने की मांग की है. लेकिन वास्तविक वृद्धि केवल 8,000 करोड़ रुपए तक हो सकती है.
आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 में चेतावनी दी गई है, कि कोविड जैसी संक्रामक बीमारियों पर, बहुत ज़्यादा संसाधन न लगाए जाएं, चूंकि ग़ैर-संक्रामक बीमारियां अभी भी, सबसे ज़्यादा जानें लेती हैं.
व्यापक बिकवाली के चलते शुक्रवार को लगातार छठे दिन घरेलू शेयर बाजार गिरावट में बंद हुए. सेंसेक्स 588 अंक से अधिक लुढ़क गया जबकि निफ्टी में करीब 183 अंक की गिरावट आयी.
श्रीनगर, 29 अप्रैल (भाषा) पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक...