एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र को यह आश्वासन दिए जाने के बाद ही लोन दिया जाएगा कि पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता के लिए दिए जाने वाली इस राशि से शुरू की जाने वाली योजनाओं में केंद्र सरकार की ब्रांडिंग की जाएगी.
अगर सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा देश को बेहतर बनाने में खर्च करना चाहती है, तो ज्यादा अदालतें बनाए, टूटती हुई नौकरशाही को सुधारे, लेकिन, ज़ाहिर है, नेता सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे.