भारत में कोविड मामलों को कम करके आंका जाना करीब 33 के गुणक में रहा है, जिसका मतलब है कि 31 मई तक 9,265 लाख भारतीय कोरोनावायरस से संक्रमित हुए, लेकिन केवल 282 लाख मामलों की ही पहचान हो सकी.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के निदेशक एस के सिंह की अगुवाई में टीम शुक्रवार को केरल पहुंचेगी और उन कुछ जिलों का दौरा करेगी जहां संक्रमण की दर सबसे ज्यादा है.
पिछले 24 घंटों में 1,336 की वृद्धि के साथ उपचाराधीन मरीजों की संख्या 3,99,436 हो गयी जो संक्रमण के कुल मामलों का 1.27 प्रतिशत है. कोविड-19 से उबरने वाले मरीजों की राष्ट्रीय दर 97.39 प्रतिशत हो गयी है.
दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के 3,235 स्वास्थ्य कर्मियों के बीच किए गये इस अध्ययन की अवधि 16 जनवरी से 24 अप्रैल 2021 के बीच की थी. इसके अनुसार टीकाकरण के बाद केवल 85 स्वास्थ्य कर्मियों ने स्पष्ट लक्षणों वाले (सिंप्टमॅटिक) कोरोना संक्रमण की सूचना दी.
चिंता से जुड़ी प्रतिक्रियाओं में वैसोवेगल रिएक्शंस जैसे लक्षण होते हैं, जब किसी अचानक तनाव से- जैसे खून और सीरिंज आदि देखकर- किसी को चक्कर या बेहोशी हो सकती है.
अगले वीकेंड तक बांग्लादेश में एक चुनी हुई सरकार बन जाएगी. यह भारत के लिए मौका है कि वह चुनाव वाले पश्चिम बंगाल और असम में ‘घुसपैठिया’ वाली भाषा को नरम करके बिगड़े रिश्तों को फिर से ठीक करे.