मंत्रालय ने बताया कि बृहस्पतिवार को कोविड-19 का पता लगाने के लिए 16,40,287 नमूनों की जांच की गयी और इसी के साथ अभी तक महामारी का पता लगाने के लिए देश में हुए कुल नमूनों की जांच की संख्या 47,65,33,650 हो गयी है.
ग्लोबल टीबी रिपोर्ट 2020 के अनुसार, भारत में टीबी के वैश्विक बोझ का 27% और मृत्यु दर का 31% हिस्सा है. यह भी कि वैश्विक मामलों में 27% हिस्सा मल्टीड्रग रेसिस्टेंट टीबी का है.
मिशिगन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर भ्रमर मुखर्जी का यह भी कहना है कि तीसरी लहर में बच्चों का सबसे ज्यादा प्रभावित होना महज अटकल ही है, लेकिन बच्चों के टीकाकरण की संभावनाओं को तलाशना बेहद जरूरी है.
भारत में कोविड मामलों को कम करके आंका जाना करीब 33 के गुणक में रहा है, जिसका मतलब है कि 31 मई तक 9,265 लाख भारतीय कोरोनावायरस से संक्रमित हुए, लेकिन केवल 282 लाख मामलों की ही पहचान हो सकी.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के निदेशक एस के सिंह की अगुवाई में टीम शुक्रवार को केरल पहुंचेगी और उन कुछ जिलों का दौरा करेगी जहां संक्रमण की दर सबसे ज्यादा है.