मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की उपस्थिति में हुई एक समीक्षा बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने के निम्न स्तर की सूचना दी. डेल्टा वैरिएंट वाली लहर के दौरान अस्पताल में भर्ती होने की दर 22-23% की सीमा तक पहुंच गई थी.
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण को टीकों को किफायती बनाने के लिए कीमत को सीमित रखने की दिशा में काम शुरू करने का निर्देश दिया गया है.
भारत के सार्स-कोव-2 जिनोमिक्स कंसॉर्शियम (इंसाकॉग) का कहना है कि, 'भारत में ओमीक्रॉन अब कम्यूनिटी ट्रांसमिशन में है, और कई मेट्रो शहरों में काफी फैल गया है’.
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसारदेश में अभी 22,36,842 लोगों का कोरोनावायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 5.62 प्रतिशत है.
जनवरी के पहले दो हफ्तों में, आर वैल्यू अभूतपूर्व तरीके से उच्च स्तर तक बढ़ कर 2.89 पर पहुंच गया था. जो कि पूरी महामारी के दौरान अब तक का सबसे ज्यादा आर-वैल्यू था.
देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ के पार हो गए थे. पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ के पार और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी.
अगले वीकेंड तक बांग्लादेश में एक चुनी हुई सरकार बन जाएगी. यह भारत के लिए मौका है कि वह चुनाव वाले पश्चिम बंगाल और असम में ‘घुसपैठिया’ वाली भाषा को नरम करके बिगड़े रिश्तों को फिर से ठीक करे.