लांसेट में छपी स्टडी में कहा गया है, कि कोविड-19 मरीज़ों के मस्तिष्क के एमआरआई में, सूंघने और स्मरण शक्ति ग़ायब होने से जुड़े सूक्ष्म संरचनात्मक परिवर्तन देखे गए.
निमहंस के निदेशक बी.एन. गंगाधर बताते है कि अक्सर पूछे जाने वाले सवालों में ज्यादातर नौकरी खोने का डर, कामकाज से जुड़े तनाव से निपटने और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को लेकर चिंता से जुड़े होते हैं.
दिप्रिंट को दिए एक इंटरव्यू में ज़ाइडस कैडिला के अध्यक्ष पंकज आर पटेल ने कहा है कि कंपनी ने पहले और दूसरे फेज़ के क्लीनिकल ट्रायल्स के लिए वैक्सीन कैंडिडेट के क्लीनिकल बैचेज़ पहले ही बना लिए हैं.
डॉक्टर रेड्डी ने कहा कि कोविड के मामले में 90 प्रतिशत लोगों को इलाज की ज़रूरत नहीं पड़ती. वहीं, मुश्किल से 6-7 प्रतिशत लोगों को आईसीयू की जरूरत पड़ती है.
एंटरप्रेन्योरशिप को एक वैध करियर विकल्प के रूप में सामान्य बनाने का श्रेय काफी हद तक उस पहचान और महत्व को जाता है जो नीतियों के जरिए स्टार्टअप्स को दिया गया है.