मंत्रालय ने बताया कि अब तक देश में कोरोनावायरस संक्रमण के लिए सात करोड़ नमूनों की जांच हो चुकी है. वहीं देश में प्रतिदिन जांच की क्षमता 14 लाख के पार चली गई है.
‘वन नेशन, वन हेल्थ सिस्टम’ की परिकल्पना 2017 और 2020 में मोदी सरकार द्वारा लाई गई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी शामिल थी. इसे लागू करने के लिए कमेटी बनी हुई है.
कंपनी ने बताया कि इस वैक्सीन के पहले चरण का परीक्षण सेंट लुइस विश्वविद्यालय की इकाई में होगा, जबकि नियामक मंजूरियां हासिल करने के बाद भारत बायोटेक अन्य चरणों का परीक्षण भारत में भी करेगी.
राजकोट में कोविड के बढ़ते मामलों के अलावा 'मानसिक रूप से अस्थिर' रोगी से डील करने के मामले में सिविल अस्पताल विवादों से निपट रहा है और एक शव को छोड़ने के बाद वापस क्यों बुलाया गया.
जैसे कुछ कंपनियां सिर्फ इसलिए गिग वर्कर्स का फायदा उठाती हैं क्योंकि वे ऐसा कर सकती हैं, वैसे ही कंज्यूमर्स भी उन्हें बेवजह दौड़ाते हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि हम ऐसा कर सकते हैं.