अध्ययन के दौरान टेस्ट से जुड़े आंकड़ों और विभिन्न आर वैल्यू से संबंधित डाटा का इस्तेमाल करके अलग-अलग परिस्थितियों के आधार पर आकलन करने के बाद कुछ सुझाव सामने रखे गए हैं.
इससे पहले शनिवार को अमेरिकी दवा निर्माता कंपनी फाइजर की भारतीय इकाई ने उसके द्वारा विकसित कोविड-19 टीके के आपातकालीन इस्तेमाल की औपचारिक मंजूरी के लिए भारतीय दवा नियामक के समक्ष आवेदन किया था.
सरकार के एक्सपर्ट पैनल ने, जो शीर्ष दवा विनियामक का सलाहकार है, बायोकॉन से इटॉलिज़ुमाब के चौथे दौर के ट्रायल्स के लिए संशोधित प्रस्ताव मांगा है, जिसे आपात इस्तेमाल की मंज़ूरी पहले ही मिल चुकी है.
सेंट पीटर्सबर्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का एक अध्ययन बताता है कि बीसीजी वैक्सीन गंभीर कोविड से बचाव में कारगर हो सकती है जो टीबी के टीके को कोरोनावायरस से जोड़ता है.
स्वास्थ्यमंत्री अनिल विज के कोरोना संक्रमित होने के बाद, भारत बायोटेक ने अपने बयान में कहा है, 'कोविड वैक्सीन के ट्रायल में शामिल किसी को भी कोरोना संक्रमण हो सकता है. इसमें हैरान होने वाली कोई बात नहीं है यह एक सामान्य प्रक्रिया है.'
अनिल विज ने 15 दिन पहले 20 नवंबर को ही वैक्सीन परीक्षण में वालंटियर के तौर पर कोवैक्सीन का टीका लगवाया था. कोवैक्सीन भारत बायोटेक और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की मदद से तैयार की जा रही वैक्सीन है.
भारत में कोरोनावायरस का पहला केस सामने आने के क़रीब 11 महीने बाद, नीति आयोग ने मूल्यांकन किया है, कि वायरस से बचने के लिए, राज्यों ने किस रह नए रास्ते निकाले.
देश में संक्रमण के 36,595 नए मामले सामने आने के साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़कर 95,71,559 हो गई है. वहीं 540 और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 1,39,188 है.
बहुत से लोगों को कोविड-19 केयर, या क्वारंटीन सेंटर्स में भी भेजा जा रहा है, और उन्हें कड़ी चेतावनियां दी जा रही हैं, ताकि वो ‘सुपर स्प्रैडर’ न बन जाएं.
ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में भारतीय विश्वविद्यालयों का योगदान अब भी कम है, खासकर जब इसकी तुलना एमआईटी और इम्पीरियल कॉलेज जैसे विदेशी संस्थानों से की जाती है.