दिल्ली में शनिवार को कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू हुआ. महामारी के खिलाफ जंग में अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को सबसे पहले टीके लगाए जा रहे हैं.
हर्षवर्धन ने कहा, ‘कल एक अहम दिन है....कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई का यह अंतिम चरण है. मैं तो कहता हूं कि यह संभवतया कोविड के अंत की शुरुआत है, जो कल से प्रारंभ होने जा रही है.’
दिल्ली, आंध्र, तेलंगाना, पंजाब कोविशील्ड का इस्तेमाल करेंगे जबकि छत्तीसगढ़ ने कोवैक्सीन की प्रभावकारिता पर सवाल उठाए हैं. सरकार का कहना है कि टीके मानकों को पूरा करने के बाद मंजूर किए गए हैं.
अध्ययन में पता चला है कि जिन्हें कोविड-19 का संक्रमण पहले हो चुका है वह कम से कम पांच महीनों के लिए प्रतिरोधक क्षमता रहती है लेकिन इसके बावजूद स्वस्थ हुए रोगी वायरस के वाहक बन सकते हैं.
पहले चरण में, मोदी सरकार 4 प्राथमिकता समूहों में 30 करोड़ लोगों को शामिल करेगी, जिनमें स्वास्थ्य सेवा, फ्रंटलाइन वर्कर्स, 50 वर्ष से अधिक आयु के लोग और कोमॉर्बिड मामले शामिल हैं.
किसी भी युद्ध को जीतने तो क्या, शुरू करने की कुंजी यह होती है कि उसका लक्ष्य स्पष्ट हो. यह पूरी तरह से राजनीतिक विषय होता है. यह न तो भावनात्मक मामला होता है, और न ही शुद्ध रूप से सैन्य मामला.