महामारी रोग अधिनियम 1897 का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य सुविधाएं और मेडिकल कॉलेज ब्लैक फंगस की स्क्रीनिंग, निदान और प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देशों का पालन करें.
दिप्रिंट ने 17 मई का पूरा दिन, विजयवाड़ा के दो बड़े श्मशान घरों, और तीन मुस्लिम क़ब्रिस्तानों में बिताया, और कम से कम 36 शवों को, अंतिम संस्कार होते, या दफ्नाए जाते देखा.
सरकार संचालित मांड्या आयुर्विज्ञान संस्थान में कर्मचारियों की इस कदर कमी है कि कोविड मरीजों के परिजनों को ही वहां पर अटैंडेंट के तौर पर रहना पड़ रहा है, यहां तक कि वे सोते भी कोविड वार्ड में ही हैं.
आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 2,23,55,440 लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं और मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 86.74 प्रतिशत है. वहीं, कोविड-19 से मृत्यु दर 1.11 प्रतिशत है.
हालांकि, अभी तक एक्सपर्ट्स किसी निर्णय पर नहीं पहुंचे हैं कि क्या वायरस ऊंची-ऊंची बिल्डिंगों में बाथरूम की पाइप के जरिए फैल सकता है या नहीं. कुछ का कहना है कि सैद्धांतिक रूप से ऐसा हो सकता है इसलिए सावधानी रखना उचित होगा.
डीएमसीएच उत्तर बिहार के 5 जिलों के मरीजों की देखभाल करता है. महामारी के दूसरे दौर में, दरभंगा ने मरीजों के भार को कम करने और इसके प्रबंधन करने के लिए 20 निजी अस्पतालों को लगाया है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्टेराइड दवाएं तभी दी जानी चाहिए जब व्यक्ति को ऑक्सीजन संबंधी दिक्कत हो, दुष्प्रभाव रोकने के लिए ये कम मात्रा में उपलब्ध कराई जानी चाहिए और कुछ दिन से अधिक नहीं दी जानी चाहिए.
तीसरी लहर की आशंका है लेकिन कब आएगी कोई नहीं जानता है. वैज्ञानिकों का कहना है तीसरी लहर से पहले हमें जिला स्तर पर सूक्ष्म योजना तैयार करनी होगी और इस अभियान में ग्राम पंचायतों एवं अन्य पक्षकारों को शामिल करना होगा.
जोखिम खत्म नहीं हुआ है. इसका रूप बदल गया है—यह नॉन-परफॉर्मिंग लोन की वजह से बैलेंस शीट पर दबाव से हटकर तेजी से बढ़ते डिजिटल सिस्टम को संभालने की ऑपरेशनल चुनौतियों में बदल गया है.