पटना में म्यूजियम का चलन तेजी से बढ़ रहा है. यहां प्राइवेट प्रोजेक्ट्स जैसे प्लेनेट पटना से लेकर बापू टावर और साइंस सिटी जैसे सरकारी प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं.
पुराना किला से लेकर, जहां दिल्ली में किसी भी स्मारक पर पहली बार डांडिया हुआ और सुंदर नर्सपी के ग्लोबल गरबा फेस्टिवल तक—दिल्ली वासियों के पास चुनने के लिए ढेरों विकल्प हैं.
भारत के तेज़ी से फैलते शहरों के किनारे, जहां जंगल और बस्तियां मिलते हैं, अनिल गांदास और विनीत अरोड़ा इंसानी अफरातफरी में फंसे जंगली जानवरों को बचाने के लिए तुरंत मदद पर पहुंचते हैं.
राम, रामायण के सबसे लोकप्रिय नाटकों में से एक है, जो हर साल श्रीराम भारतीय कला केंद्र में प्रस्तुत किया जाता है – यह इस महाकाव्य और इसके मंचन के प्रति लोगों के अटूट प्रेम का प्रतीक है.
स्टार्टअप कंपनियां स्कूटर, डैशकैम और फोन कैमरे का इस्तेमाल सड़क पर गड्ढों का पता लगाने, उनकी लोकेशन मैप करने और यात्रियों के लिए चेतावनी प्रणाली बनाने के लिए कर रही हैं.
अब सिर्फ अंबानी-अडाणी जैसे बड़े बिज़नेस हाउस काफी नहीं. कम्युनिटी के MSME भी दुनिया चलाना चाहते हैं और नॉन-बनिया बिज़नेस प्लेयर्स को पीछे छोड़ना चाहते हैं.
भारत में कैंसर का इलाज अब सिर्फ AIIMS या टाटा मेमोरियल तक सीमित नहीं रह गया है. डॉक्टर अपने गृहनगरों में अस्पताल खोल रहे हैं और जिला स्तर पर कैंमोथेरेपी और डायग्नोस्टिक्स की सुविधा मिलने लगी है.
हरियाणा की अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी ने गुरुग्राम में एक अलग तरह के ग्राहकों को आकर्षित किया. कम आय वाले लोगों को लाभ पहुंचाने के बजाय, ये घर सफेद कॉलर वाले पेशेवरों ने खरीद लिए.
इंडियन सिविल सर्विस ब्रिटिश साम्राज्य की इस्पाती रीढ़ थी, जिसे क्राउन की सेवा के लिए बनाया गया था. राष्ट्रवादी भी इस परीक्षा में बैठे — कुछ ने छोड़ दिया, कुछ बने रहे.
एक्सपोर्टरों को अतिरिक्त यूनिटें बंद करनी पड़ीं. प्रवासी मजदूरों के लिए इसका मतलब है या तो कम दिन का काम और कम मजदूरी, या फिर जीने की तलाश में शहर छोड़ना.
आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.