प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता सिर्फ़ उनके नरम अंदाज़ में दिए गए प्रवचनों से नहीं है, बल्कि इसलिए भी है क्योंकि वे खुद को एक 'प्रगतिशील बाबा' के रूप में पेश करते हैं — जो प्रेम विवाह और अंतरजातीय विवाह का समर्थन करते हैं और तर्कसंगत सुझाव देते हैं.
शेखावत ने विमेन जर्नलिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट के कार्यक्रम में कहा, ‘हमें विदेशी पर्यटकों के कश्मीर न आने की चिंता नहीं है. जब तक भारतीय जाते रहेंगे, हम खुश हैं.’
जिस दिन केस फिर से खुला, उनके पिता शंभूनाथ ने पुरानी सारी फाइलें, पीले पड़ चुके अखबारों की कतरनें और सालों से जमा किए गए दस्तावेज़ फिर से खंगाले. उस रात वे सो नहीं पाए.
वरिष्ठ बुना-बुनाई श्रमिकों ने 2008 की आर्थिक मंदी, जीएसटी लागू होने और कोविड-19 जैसे पिछले संकटों को याद किया. "हर बार, उद्योग ने खुद को ढाल लिया और हालात सामान्य हो गए."
जब जेन स्ट्रीट ने कथित बाजार हेरफेर के जरिए बड़ा मुनाफा कमाया, तो लखनऊ से लेकर रीवा और जलगांव तक छोटे शहरों के एफ एंड ओ कारोबारियों की पूंजी साफ हो गई.
कोचिंग संस्थान नियमों को नज़रअंदाज़ कर अपनी मनमानी रिफंड नीति अपनाते हैं. छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ दें, तब भी माता-पिता पूरी फीस भरते हैं. कुछ लोग यह नुकसान सह जाते हैं, तो कुछ कानूनी रास्ता अपनाते हैं.
अरावली के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा अतिक्रमण हटाने का अभियान इस साल जून में शुरू हुआ. इसके साथ ही, दिल्ली-एनसीआर की मशहूर फार्महाउस संस्कृति भी तेज़ी से खत्म हो रही है. अभी आगे और भी काम बाकी है.
पंच का अपने प्लश टॉय से लगाव उसके देश से नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले आराम से है. इसी तरह, ग्राहक जियोपॉलिटिकल लेबल से ज्यादा भरोसे और डिजाइन को प्राथमिकता देते हैं.