पुरानी दिल्ली से अयोध्या तक, फ़ौज़िया दस्तानगो हिंदू महाकाव्यों से लेकर मीना कुमारी की कहानी तक को उर्दू में नए अंदाज़ में पेश कर रही हैं. लोग उनकी कहानियों को बहुत पसंद कर रहे हैं.
AMASR एक्ट के तहत संरक्षित स्मारकों के 100 से 200 मीटर के दायरे में कोई निर्माण नहीं हो सकता, जिससे आसपास रहने वाले लोग परेशान हैं. अब संसद के मानसून सत्र में इसमें बदलाव का प्रस्ताव आने वाला है.
कुछ लोग मानते हैं कि लॉटरी के ज़रिए प्रिंसिपल की नियुक्ति करना एक नया और प्रगतिशील कदम है, जो बिहार के हायर एजुकेशन को झकझोर सकता है — क्योंकि ये 1980 से ही धीमी पड़ी हुई है.
उनके हंसी-मजाक, इशारों और गालियों से भरे कंटेंट पर एक मिलियन से ज्यादा व्यूज़ आते हैं. लेकिन अब परिवार को "शांति और पवित्रता" बहाल करने के लिए बहिष्कृत कर दिया गया है.
कबूतरों को दाना डालने वाले इलाकों को बंद करने की कोशिशों का स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया है, लेकिन प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञ फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों को लेकर चेतावनी दे रहे हैं.
बचपन में डालडा के डब्बों पर निशाना साधने से लेकर वर्ल्ड पुलिस गेम्स में 10-मीटर एयर राइफल में गोल्ड जीतने तक का सफर. आईपीएस इंगित प्रताप सिंह आज भी ओलंपिक के सपने के पीछे भाग रहे हैं.
उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या ने बिहार के व्यापारियों को हिला कर रख दिया है. जब राज्य में अपराध बढ़ रहा है और पुलिस शराब पकड़ने में व्यस्त है, तो नीतीश कुमार सरकार पर विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
स्नेहा के साकेत स्थित घर पर मौजूद उनकी एक दोस्त ने पुष्टि की कि उनके कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है. नोट में स्नेहा ने असफलता की भावना जताई और लिखा कि उन्होंने अपनी जान देने का फैसला कर लिया है.
धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की वापसी ने फिर से जगा दी संयुक्त परिवार और संस्कारी बहू की यादें. यह शो एक पूरी पीढ़ी की नज़र में महिलाओं, परिवार और परंपरा को गढ़ने वाला था.