मोदी सरकार की निपुण भारत योजना नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार की गई है और इसके लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में 2,688.18 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है.
हालांकि जब संस्थान से यह पूछा गया कि क्या सहायक प्रोफेसर ने औपचारिक तौर पर इस्तीफा दे दिया है या उन्होंने संस्थान को भेजे अपने ‘इस्तीफ़ा’ पत्र में यह आरोप लगाया है, तो इसपर आईआईटी-मद्रास ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
सीबीएसई ने स्कूलों को जारी किये गए एक सर्कुलर में कहा है कि कक्षा 12 (बारहवीं) के जो छात्र आंतरिक मूल्यांकन की परीक्षा में शामिल होने से चूक गए हैं, उन्हें सिर्फ अनुपस्थित दिखाया जाना चाहिए और उन्हें शून्य अंक नहीं दिए जाने चाहिए.
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में मिडिल स्कूल छोड़ने की कुल दर 17 प्रतिशत से अधिक है, जबकि उच्च प्राथमिक कक्षाओं (6 से 8) और प्राथमिक स्तर पर यह क्रमशः 1.8 और 1.5 प्रतिशत है.
यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 84 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में लाइब्रेरी और रीडिंग रूम हैं, लेकिन उनमें से केवल 69.4 प्रतिशत में पुस्तकों के साथ लाइब्रेरी हैं.
कम आय वाले पेरेंट्स का कहना है, कि वो अब 500-1,200 रुपए मासिक फीस वहन नहीं कर सकते, और अब सरकारी स्कूलों की ओर पलट रहे हैं. इससे EWS दाख़िले भी प्रभावित हुए हैं.
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में कोविड के बाद उत्पन्न समस्याओं का उपचार करा रहे निशंक ने कहा कि छात्र उन्हें अपने सवाल एवं आशंकाओं से संबंधित संदेश भेज रहे हैं.
‘न्यायिक निर्णय और इंसाफ’ में ऑनर्स प्रोग्राम का पांच साल का कोर्स, पिछले साल अक्तूबर में शुरू हुआ था, जिसका मक़सद जज के पदों के लिए गहन और विस्तृत ट्रेनिंग प्रदान करना है
डीयू उन संस्थानों में शामिल था, जिन्होंने पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त करने वाले पोस्टर लगाए थे. संदेश में लिखा गया 'सभी के लिए टीका. सभी के लिए नि: शुल्क. विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण शिविर. धन्यवाद मोदीजी.'
यह सोच कि किसी भी पहाड़ तक पहुंच अच्छी चीज़ है, और कोई भी चोटी पहुंच से बाहर नहीं होनी चाहिए—पहाड़ों को ऐसी चीज़ में बदल देती है जिसका सामना करने के बजाय, उसे बस इस्तेमाल किया जाए.