डीडीएमए की ओर से सोमवार को जारी दिशा-निर्देशों में स्कूलों से कहा गया है कि अपना परिसर सैनिटाइज कराएं, प्रवेश और निकास की जगहों पर भीड़भाड़ न होने दें, पर्याप्त वॉश बेसिन मुहैया कराएं और ‘शीर्ष प्राथमिकता’ के साथ सभी कर्मचारियों का टीकाकरण कराएं.
डीयू के कार्यवाहक कुलपति पी.सी. जोशी ने एक इंटरव्यू में कहा कि एनईपी के तहत एफवाईयूपी से छात्रों को सहूलियतें मिलेंगी, और शिक्षकों के वर्कलोड को लेकर भी इससे कोई खतरा नहीं होगा.
चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (एफवाईयूपी) अध्ययन किए गए वर्षों की संख्या के आधार पर योग्यता प्रदान करता है - 1 वर्ष के लिए प्रमाण पत्र, 2 में डिप्लोमा और तीन साल या चार साल की ऑनर्स डिग्री मिलती है.
पंजाब में लगभग 60% शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को टीके की कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है, कर्नाटक का कहना है कि स्कूलों को फिर से खोलने से पहले शिक्षकों और अभिभावकों के लिए टीकाकरण अनिवार्य होगा.
लोकल सर्किल की तरफ से किए गए एक सर्वे के मुताबिक, अपने बच्चों को स्कूल भेजने में हिचकिचाने वाले अभिभावकों की संख्या जून में 76 प्रतिशत की तुलना में घटकर अगस्त में 44 प्रतिशत रह गई है.
न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने कहा कि अब जब केंद्र ने मेडिकल सीटों में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण को मंजूरी दे दी है तो वह काउंसलिंग कब कराएगा.
एआईसीटीई की तरफ से मेरिट से इतर इन क्षेत्रों की सभी गरीब छात्राओं को छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिए जाने के बाद 2019-18 की तुलना में 2020-21 में जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में स्कॉलरशिप हासिल करने वालों की काफी संख्या बढ़ी है.
एआईसीटीई के चेयरमैन अनिल सहस्रबुद्धे ने दिप्रिंट को दिए एक साक्षात्कार बताया कि यद्यपि 13 कॉलेजों में 2021-22 के सत्र से पांच क्षेत्रीय भाषाओं में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू हो जाएंगे लेकिन इनमें वैज्ञानिक शब्दों का अनुवाद नहीं किया जाएगा.
आरबीआई के आंकड़े बताते हैं कि छह साल में पर्सनल लोन तीन गुना हो गए हैं और कर्ज़ चुकाने में चूक बढ़ी है; सोशल मीडिया से बनी लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए मिडिल क्लास कर्ज़ ले रहा है, जबकि असली मज़दूरी आधी रह गई है.