MP में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स में हरियाणा के खिलाड़ियों ने 128 पदक जीते. राई, सोनीपत स्थित मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स की स्थापना जुलाई 1973 में एक सह-शिक्षा बोर्डिंग स्कूल के रूप में हुई थी.
तालिबान की सत्ता में वापसी, काम करने पर रोक लगाते सख्त वीज़ा नियम और बंद होती जा रही छात्रवृत्तियों ने अफगानी छात्रों को अनिश्चितता में डाला हुआ है. हालांकि, भारतीय मित्र उनकी मदद कर रहे हैं, लेकिन वह काफी नहीं है.
कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए दिल्ली, तमिलनाडु और पंजाब के स्कूल वहीं गुजरात कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए मौजूदा स्कूल बुनियादी ढांचे में सुधार करेगा.
एलआईसी विश्वविद्यालय को पूरी तरह से सुसज्जित एम्बुलेंस प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए एक और पीएसयू एक चेयर स्थापित करने की योजना बना रहा है और एक और डोनेशन के लिए बातचीत कर रहा है.
पीएचडी स्कॉलर्स और प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए मौलाना आज़ाद नेशनल फेलोशिप खत्म कर दी गई है. वित्त मंत्री ने कहा था कि 2022 से पहले चयनित लोगों को फंड मिलेगा, लेकिन छात्रों का दावा है कि पैसे नहीं दिए गए.
जब सीयूईटी को एक साल पहले पेश किया गया था, तो डर था कि कोचिंग सेंटरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा. यह अभी तक समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन संकेत हैं कि यह समय की बात हो सकती है.
शिक्षा मंत्रालय को 1,12,899.47 करोड़ रुपये आवंटित किए गए. यह 2022 की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है. वित्त मंत्री ने तीन साल में युवाओं को कौशल प्रदान करने के वास्ते पीएमकेवीवाई 4.0 लॉन्च करने की घोषणा की है.
प्री-प्राइमरी को छोड़कर सभी स्तरों पर स्कूलों में एनरोलमेंट में सुधार हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2021-22 में देश के 40% स्कूलों में इंटरनेट और 89.3% स्कूलों में बिजली थी.
उच्च शिक्षा पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण के निष्कर्षों के अनुसार 2014-15 के बाद से एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के नामांकन संख्या में वृद्धि देखी गई हैं. कुल नामांकन 2020-21 में पहली बार 4 करोड़ अंक को पार कर गया.
पूरी दुनिया के ग्रीन इकोनॉमी की तरफ बढ़ने का मतलब है कि कंपनियां ज्यादा से ज्यादा 'ग्रीन जॉब्स' की पेशकश कर रही हैं. लेकिन शिक्षाविदों का कहना है कि भारत के शैक्षणिक संस्थान अभी इस मांग को पूरा करने की स्थिति में नहीं हैं.
जब वामपंथी दल आक्रामक तरीके से हिंदू वोटों में सेंध लगा रहे हैं, तो बीजेपी के लिए तुरंत फायदा अपने कोर वोट बैंक को मजबूत करने में हो सकता है, उससे पहले कि वह अपना दायरा और फैलाए.