सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने छात्र आत्महत्याओं से निपटने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों की व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए और इसके लिए पूर्ण न्याय करने की अपनी शक्ति का इस्तेमाल किया.
टीमलीज एडटेक के संस्थापक और सीईओ शांतनु रूज ने कहा कि यह रिपोर्ट “आकांक्षा और क्रियान्वयन के बीच स्पष्ट अंतर” को उजागर करती है और ऐसे सिस्टम की तस्वीर पेश करती है जो अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए “संरचनात्मक रूप से तैयार नहीं” है.
क्लास शुरू हुए अभी कुछ ही महीने हुए थे कि एनएमसी ने अनुमति रद्द कर दी. मुस्लिम छात्रों के दाखिले को लेकर हिंदू संगठनों के विरोध के बीच वैष्णो देवी संस्थान के एमबीबीएस छात्र कॉलेज छोड़ने को मजबूर.
फैकल्टी, छात्रों और पूर्व छात्रों का एक वर्ग MoSPI के ड्राफ्ट बिल का विरोध कर रहा है, जो इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट की चुनी हुई गवर्निंग काउंसिल की जगह सरकार द्वारा नामित बोर्ड लाने की कोशिश करता है.
याचिका में सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया है कि जब पदाधिकारी कानून के खिलाफ अपने पद पर बने रहते हैं, तो अदालतों का हस्तक्षेप जरूरी हो जाता है.
यूजीसी के अनुसार, यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के 7 नवंबर के आदेश के अनुरूप है, जिसमें सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र को शैक्षणिक संस्थानों व अन्य सार्वजनिक स्थानों को आवारा कुत्तों से सुरक्षित रखने के लिए कहा गया था.
अपने चुनाव से पहले के वादे—‘मेरे पास एक योजना है’—को दोहराते हुए तारिक रहमान ने कहा कि उन्होंने सभी को शामिल करने वाली रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है और उन्हें उम्मीद है कि लोग इस सफर में उनका साथ देंगे.