चार राफेल विमानों का पहला दस्ता मई 2020 के आखिर तक भारत आ जाएगा और अगला साल खत्म होते-होते उन्हें तमाम हथियारों और अन्य साजो-सामान से सुसज्जित किया जा चुका होगा.
यह घटना तब सामने आई है जब एक महीने बाद ही चीन के राष्ट्रपति शी जिंपिंग भारत की अनौपचारिक यात्रा करेंगे. इस दौरान उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होगी.
आठ अपाचे एएच 64 ई हेलिकॉप्टर रूस के बने एमआई-35 की जगह लेंगे. अपाचे बाहर से हमला करने वाला हेलीकॉप्टर, एमआई -35 की जगह लेगा जो रात में भी भेद सकेगा लक्ष्य.
जगुआर इंजन में 15 से 30 प्रतिशत थ्रस्ट की कमी देखी गई है और इन विमानों के नवीनीकरण का खर्च काफी ज्यादा है. एक सुखोई विमान दो जगुआर विमानों की तरह काम करता है.
पाकिस्तान हम पर 'ईरान जैसा' हमला करने के लिए बेताब होगा, और चीन हमें 'असममित विस्तार' का मौका दिए बिना ही एक हवाई अभियान को अंजाम देने की योजना बना रहा होगा. भारत के पास खुद को बदलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.