सेना ने दो विशेष स्वार्म ड्रोन्स पर भी काम शुरू कर दिया है, जिन्हें पूर्वी लद्दाख़ जैसे इलाक़ों में तैनात किया जा सकता है, जहां वो चीनी सैनिक टुकड़ियों के साथ एक गतिरोध में है.
भारतीय नौसेना फ्रांसीसी फर्म डसॉल्ट एविएशन के राफेल एम और F/A-18 सुपर हॉर्नेट के परिचालन प्रदर्शन की ट्रायल रिपोर्ट को तेज़ी से पूरा करने की प्रक्रिया में है.
रूस पर लगाए गए सेकेंडरी प्रतिबंधों की वजह से नई चुनौतियों सामने आ रही हैं. इसके चलते नई दिल्ली और मॉस्को ने पैमेंट के लिए एक सरल प्रणाली पर काम करना शुरू किया है.
एचएएल हल्के लड़ाकू विमान तेजस के साथ-साथ रॉयल मलेशियाई वायु सेना के लिए Su-30s एयरक्राफ्ट और हॉक ट्रेनर विमान की सर्विसिंग के लिए नए व्यावसायिक अवसरों की ओर देख रहा है.
इन विमानों के अपग्रेड में और बेहतर रडार तथा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं का इंटीग्रेशन किया जाना शामिल होगा. रूस को भारत के साथ 12 और सुखोई-30 एमकेआई और 21 मिग-29 विमानों की आपूर्ति के लिए समझौते की भी उम्मीद है.
सीनियर रूसी रक्षा अधिकारी एंड्री बारानोव ने कहा कि प्रोजेक्ट के लिए भारतीय नौसेना की अपेक्षा और इसकी टाइमलाईन मेल नहीं खाती है. मॉस्को की यह प्रमुख चिंता है.
सेना लगभग 1.35 लाख कर्मियों की कमी का सामना कर रही है, लेकिन आने वाले समय में वह अपनी स्ट्रेंथ को 12.8 लाख से घटाकर लगभग 10.8 लाख करने पर विचार कर रही है.
मदुरै (तमिलनाडु), एक मार्च (भाषा) अन्नाद्रमुक के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने रविवार को सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार पर कथित भ्रष्टाचार को...