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Saturday, 21 March, 2026
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समाज-संस्कृति

डरने से हिचकिए मत और भरोसा रखिए निर्वाचित राजा लैला को ढूंढ़ लेगा

अमेरिका के विकास की कीमत आर्कटिक में वॉलरस को चुकानी पड़ती है और चीन का वाटर फुट प्रिंट पूर्वी अफ्रीका को अपना कचराघर बना रहा है.

सदियों की तमन्ना का फल है खय्याम का संगीत जिसने लाखों का दिल जीता

खय्याम साहब के संगीत में जीवन का चित्र उभरता था जिसे इंसान अपने जीवन से जोड़कर भी महसूस कर सकता था. यही संगीत उन्हें इस क्षेत्र का नज़ीर बनाता है.

जातिवाद और आंतरिक कलह की शिकार बनी हिंदी, विश्व हिंदी ज्ञानकोश आने में लगे 100 साल

हिन्दी विश्वकोश’ नगेन्द्रनाथ बसु के सम्पादन में 1916 से 1931 के बीच तैयार किया गया था. लेकिन इसे हिंदी का शब्दकोश कहना गलत होगा क्योंकि यह उनके बांग्ला विश्वकोश का ही हिन्दी ट्रांसलेशन था.

शिक्षा मंत्री ने दिए संकेत- हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की मुहीम होगी तेज़, नई शिक्षा नीति पर दिखेगा संघ का प्रभाव

ज्ञानोत्सव में मानव संसाधन विकास मंत्री निशंक के संबोधन में संकेत मिले कि नई शिक्षा नीति में संघ का प्रभाव होगा. वहीं हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की मुहिम तेज़ हो सकती है.

‘राजनीति काजल की कोठरी है, जो इसमें जाता है काला होकर निकलता है’

अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं में संघर्ष, उत्साह और वीरता के प्रति उनकी सोच को महसूस किया जा सकता है.

एक सप्ताह में वापस घर आने का वादा करके भीष्म साहनी आज़ादी का जश्न देखने दिल्ली आए थे

सरकारी दफ्तरों पर, पुलिस चौकियों-थानों पर यूनियन जैक की जगह राष्ट्रीय झंडा लहराते हुए देखा जिससे लगता था कि देश सचमुच आज़ाद हो गया है.

‘कौम के गफ़लत में आते ही आज़ादी खतरे में आ जाती है’

सबसे बड़े रंज की बात यह हुई कि आजादी आई, सियासी आजादी आई लेकिन जो आजादी का फायदा कौम को मिलना चाहिए था, कुछ मिला जरुर, इसमें शक नहीं, पूरे तौर से नहीं मिला और आप लोगों को काफी परेशानियां रहीं.

आजादी मिलने की रात पंडित नेहरू ने देश का नियति से मिलन कराया

जब पंडित नेहरू ने भारत का तिरंगा फहराया तो बैंड राष्ट्रगान बजा रहा था और सलामी देने के लिए तोपें गरज रही थीं.

दिल्ली में 10 को संतों का समागम, तय होगी राम मंदिर पर रूपरेखा

इस बैठक में सभी शीर्ष संत श्रीराम जन्मभूमि समेत 9 विषयों पर विस्तार से चर्चा करेंगे.

श्रावण मास : पशुओं संग पर्वतों पर पूजा करते है पाडर के लोग

श्रावण मास में पर्वतों पर प्रवास के दौरान उन पशुओं का दूध तक भी नही पिया जाता जो पशु समूह के लोग अपने साथ लेकर आते हैं.

मत-विमत

ईरान युद्ध भारत के लिए दिशा सुधारने का संकेत है, नौसेना को आगे आना चाहिए

भारतीय नौसेना हमेशा से भारत की राजनीतिक सीमाओं से परे, राष्ट्रीय कूटनीतिक और अन्य संपर्क प्रयासों को समर्थन देने में सबसे आगे रही है. अब आगे बढ़कर ज़िम्मेदारी उठाने का समय आ गया है.

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राजनीति

देश

एमसीडी के स्कूलों में लगे 21 प्रतिशत से अधिक सीसीटीवी कैमरे खराब: रिपोर्ट

नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के स्कूलों में लगे करीब 21 प्रतिशत सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं। एक आधिकारिक रिपोर्ट...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.