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सरस्वती की प्रतिमा | कॉमन्स
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नई दिल्लीः कुट्टनाड के कोच्चि विश्वविद्यालय कालेज ऑफ इंजीनियरिंग कैंपस में उत्तर भारत के एक छात्र की सरस्वती पूजा की मांग खारिज कर दी गई है. कोच्चि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के ज्वाइंट रजिस्ट्रार ने लिखे एक पत्र में यह कहते हुए मांग खारिज की है कि यह एक धर्मनिरेपेक्ष कैंपस है, यहां किसी खास धर्म के कार्यक्रम को इजाजत नहीं दी जा सकती.

बता दें कि इससे पहले लखनऊ के बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय में भी पिछले साल अक्तूबर में सरस्वती प्रतिमा स्थापित करने को लेकर हंगामा शुरू हो गया था, जिसके बाद आयोजन को रद्द करना पड़ा था. वहीं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी छात्रों ने सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करने और नियमित पूजा करने की मांग की थी, जिसको लेकर काफी बवाल हुआ था. छात्रों ने इसके लिए कुलपति को पत्र लिखा था. छात्रों के समर्थन में कई संत भी उतर आये थे. प्रशासन को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा था.

गौरतलब है कि बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का आयोजन होता है. इस बार इसका आयोजन 9 फरवरी को है, हिंदूवादी लोग सरस्वती को ज्ञान की देवी मानते हैं और उनकी पूजा-अर्चना कर ज्ञान की कामना करते हैं. यह आयोजन लगभग पूरे देश में किया जाता है.

 


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