मलखान सिंह की काव्य दृष्टि अत्यंत पीड़ादायी परिस्थितियों को देखकर बनी है. वे अपनी कविता में जाति के प्रश्न को बार-बार उठाते हैं. वे पूछते हैं कि क्या इस देश में हमारी पहचान केवल हमारी जाति से ही तय होगी?
हिंदू धर्म, समाज व्यवस्था और परंपरा में शूद्रों-अतिशूद्रों और महिलाओं के लिए तय स्थान को आधुनिक भारत में पहली बार जिस महिला ने संगठित रूप से चुनौती दी, उनका नाम सावित्री बाई फुले हैं.
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म-दिवस के अवसर पर शिक्षकों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है.
अमृता प्रीतम की लेखनी उनका अपना जिया हुआ संसार था, उनका अपना अनुभव था. ऐसा अनुभव जिसकी साहिर ने नींव रखी थी और जिसे इमरोज ने अपने प्रेम से जीवन भर सींचा था.
क्लिनिकल साइकोलॉजिकल साइंस पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 10 से 15 वर्ष तक के आयु वर्ग के बीच 2,000 से अधिक टीनएजर्स पर परीक्षण किया.
भारतीय नौसेना हमेशा से भारत की राजनीतिक सीमाओं से परे, राष्ट्रीय कूटनीतिक और अन्य संपर्क प्रयासों को समर्थन देने में सबसे आगे रही है. अब आगे बढ़कर ज़िम्मेदारी उठाने का समय आ गया है.