राज साहब ने समय के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के आने के साथ, नई खोज करना और स्टूडियो में नए उपकरणों को शामिल करने का सिलसिला जारी रखा. इससे स्टूडियो न सिर्फ पीढ़ियों की गति की दर से आगे बढ़ा, बल्कि इससे स्टूडियो में काम करने वाले लोगों को भी संतुष्टि और खुशी मिली.
स्विस विरासत घड़ी ब्रांड फेवरे-ल्युबा 70 और 80 के दशक के दौरान अच्छा कर रही थी, जिसके बाद वो बाज़ार से गायब हो गई. फिर 2011 में उसे टाइटन कंपनी ने खरीद लिया.
शाहिस्ता पूछा 'तुम ओम् शास्त्री के रूप में वाराणसी में क्या कर रहे थे?' 'खोज.' 'खोज! किसकी?' 'सुभाष चंद्र बोस की.' सभी सहकर्मियों ने आश्चर्य से एक-दूसरे की ओर देखा. शाहिस्ता नहीं जानती थीं कि वे आगे क्या पूछें या कहें?
टीवी की दुनिया में 'सास भी कभी बहू थी' से #KBC तक जैसा शो देने वाले एप्लॉज़ एंटरटेनमेंट के 5 साल पूरे होने पर सीईओ समीर नायर ने कहा कि उनका फोकस हर तरह के कंटेंट के साथ-साथ ओटीटी, फिल्म्स और टीवी पर भी होगा.