शायद अख़बार रोज़ाना होने वाले सड़क हादसों और मौतों की रिपोर्टिंग के लिए एक अलग कॉलम बना सकते हैं, जैसा कि कोविड-19 महामारी के दौरान मौतों के आंकड़ों की रिपोर्टिंग की जाती थी.
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा है कि FIR रद्द करना सिर्फ़ 'बहुत ही दुर्लभ मामलों' में होना चाहिए, और पुलिस को जांच करने की इजाज़त मिलनी चाहिए और कोर्ट को बहुत जल्दी दखल नहीं देना चाहिए.