दिल्ली शब्दोत्सव 2026 का आयोजन 2 से 4 जनवरी तक नेशनल स्टेडियम में किया जा रहा है. यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक, साहित्यिक और वैचारिक चेतना को प्रमुखता से प्रस्तुत करता है.
विनोद कुमार शुक्ल एक प्रसिद्ध साहित्यकार थे. उन्होंने ‘नौकर की कमीज’, ‘खिलेगा तो देखेंगे’, ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ और ‘एक चुप्पी जगह’ जैसे चर्चित उपन्यास लिखे.
महिलाओं की बातें सुन कर धीदो को पहली बार हीर सयाल के बारे में जानकारी मिली. उसने उसके बारे में सुना तो था, लेकिन सोचा भी नहीं था कि कभी उसे देखने का मौका भी मिलेगा. उसने मन ही मन सोचा कि यह नाव हीर के गांव ही जा रही है.
अचानक गाड़ी का एक पहिया एक छोटे से गड्ढे में चला गया और गाड़ी में हिचकोले खाती माधवी झटके से हलकी चीख के साथ गाड़ी में ही गिर गई. उसकी चीख सुनकर वह पलटा और कहा कि, ‘गाड़ी के बांस को पकड़कर रखो.’
सतीश शाह को सबसे बड़ा ब्रेक मिला कुंदन शाह की क्लासिक फिल्म जाने भी दो यारों से, जिसमें उन्होंने भ्रष्ट, लेकिन मज़ेदार तरीके से याद रहने वाले म्युनिसिपल कमिश्नर डी’मेलो का किरदार निभाया.
मेरे बारे में इतने सारे अन्धविश्वास व्याप्त हैं कि अब मेरे लिए उन लोगों से आगे निकलना लगभग असम्भव हो गया है जो उन्हें फैला रहे हैं. नतीजतन, तब मेरे दोस्तों की प्रतिक्रिया लगभग हमेशा एक मुस्कान होती है जब मैं दावा करता हूं कि मैं खुद एक कलाकार हूं.
इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ टेलीविजन आर्ट्स एंड साइंसेज ने गुरुवार को नामांकन सूची जारी की. इस कैटेगरी में दिलजीत के साथ डेविड मिशेल, ओरिओल प्ला और डिएगो वास्केज़ भी शामिल हैं.
फिल्म में एक सीन है जहां विधवा विनोदिनी (ऐश्वर्या राय) ब्लाउज़ पहनती हैं और घर की सारी औरतों को ऐसे सांप सूंघ जाता है कि जैसे आज की तारीख में किसी को टॉपलेस घूमते देखकर सूंघ जाए.
यह कहना कि बादशाह स्त्री-विरोधी हैं, कोई बहुत नई या चौंकाने वाली बात नहीं है. स्त्री-विरोध उनके संगीत की एक रचनात्मक शर्त है—यह उनके संगीत का उतना ही बुनियादी हिस्सा है, जितना कि उसमें बजने वाली जोशीली 'बीट ड्रॉप.'