सीबीआई ने कई हाई-प्रोफाइल केस सुलझाकर देश की टॉप अपराध जांच एजेंसी के रूप में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन कई मामले अब तक अनसुलझे हैं या फिर उनमें आरोपियों को बरी कर दिया गया है.
मंगलवार को हुआ संविधान क्लब का चुनाव ‘ठाकुर बनाम बाकी’ की बीजेपी अंदरूनी जंग का अंत नहीं है. अगला लोकसभा चुनाव आने से पहले जातिगत जनगणना के नतीजों का इंतज़ार कीजिए.
तुर्की और मिस्र की तरह, पाकिस्तान भी उन चुनिंदा देशों में है जिनके पास खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा में मदद करने के लिए जनशक्ति और ढांचा मौजूद है, खासकर जब ट्रंप का अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी कम कर रहा है.
अगर कांग्रेस साझा नेतृत्व और ज़मीनी संघर्ष को प्राथमिकता दे, तो INDIA गठबंधन अब भी भाजपा-आरएसएस की सत्ता-प्रधान राजनीति के खिलाफ लोकतंत्र का सबसे मज़बूत प्रहरी बन सकता है.
अमेरिका को चुनौती देना भारत के किसी नेता के लिए आमतौर पर निजी जोखिम नहीं होता. विदेशी दबाव की बात आते ही देश एकजुट होकर उस नेता के साथ खड़ा हो जाता है जिसे वे इस लड़ाई में अपना अगुआ मानते हैं.
सिराज जैसा नाम राष्ट्रीय गर्व के साथ लिया जाना अपने आप में एक हल्की-सी क्रांति है. उनकी सफलता इस बात का सबूत मानी जा रही है कि मज़दूर वर्ग से जुड़े पासमांदा बैकग्राउंड के लोग भी इस मुकाम तक पहुंच सकते हैं.
भारत के रणनीतिक फैसलों से संकेत मिलता है कि अमेरिका के दोहरेपन के बारे में भारत व्यावहारिक समझ रखता है. अमेरिका-भारत रक्षा सहयोग में तेजी आई है लेकिन भारत कई सैन्य सप्लायरों को चुन रहा है.