अपने गठन के बाद अपने संस्थापक स्वर्गीय मुफ्ती मोहम्मद सईद के बिना पहला चुनाव लड़ रही पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के लिए इस बार का लोकसभा चुनाव उसके अस्तित्व की लड़ाई बन गया है.
दिल्ली के सीएम अपने पहले रोड शो में लोगों को समझाना चाह रहे थे कि भले ही ये पीएम चुनने का चुनाव हो लेकिन अगर आप के सासंद जीतते हैं तो उनके लिए लोगों का काम कराना आसान हो जाएगा.
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने कल 6:15 बजे प्रमाण पत्र जमा करने को कहा था. समय पर प्रमाण पत्र जमा करने के बावजूद मेरा नॉमिनेशन रद्द किया गया है. इसके लिए वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.
दिल्ली में सातों लोकसभा सीटें भाजपा के कब्जे में लाने के लिए पार्टी नई रणनीति के साथ काम कर रही है और यहां उसकी मदद के लिए आरएसएस भी मैदान में उतर आई है.
बिहार में पटना, बेगूसराय, खगड़िया, आरा और बक्सर जैसी जगहों पर पहुंचने के बाद दिप्रिंट को एक अजीब सी समानता दिखी. इन जगहों पर लोग अपने वर्तमान सांसद से काफी नाराज़ हैं.
प्रधानमंत्री को उनके ही क्षेत्र में घेरने की विपक्ष की समृद्ध परंपरा को भले ही कांग्रेस पार्टी और दूसरे दलों के नेताओं ने न अपनाया हो लेकिन तेज बहादुर ने कड़ी चुनौती दी है.
तेज बहादुर के गांव पहुंची दिप्रिंट की टीम ने पाया कि खुद तेज बहादुर के परिवार वाले प्रधानमंत्री मोदी के फैन हैं और वह कह रहे हैं कि वोट तो मोदी को ही देंगे.
क्या रामविलास पासवान लोकसभा चुनाव में जीत को लेकर आश्वस्त नहीं हैं? हो सकता है ऐसा हो. क्या वे राज्यसभा का सुरक्षित दांव इसी लिए खेल रहे हैं? मुमकिन है.
एंटरप्रेन्योरशिप को एक वैध करियर विकल्प के रूप में सामान्य बनाने का श्रेय काफी हद तक उस पहचान और महत्व को जाता है जो नीतियों के जरिए स्टार्टअप्स को दिया गया है.