आमतौर पर कैमरे की नजर से जिस बनारस को दिखाया जाता है उसमें खूबसूरत घाट, भव्य मंदिर और श्रद्धालुओं की भीड़ होती है लेकिन बनारस के अंदर एक बनारस और रहता है.
ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी एक तबके ने भारतीय राष्ट्रीयता पर अपने एकाधिकार का दावा किया हो और गांधी की नीति पर भी चलने का छद्म भी. इसलिए मोदी अगर प्रज्ञा ठाकुर को अपने मन से कभी माफ न करें तो भी क्या फर्क पड़ जाएगा?
देवास लोकसभा सीट पर मुकाबला रोचक है. यहां दोनों ही दलों ने गैर राजनीतिक चेहरों को अपना उम्मीदवार बनाया है. भाजपा ने पूर्व न्यायाधीश पर दांव खेला है तो कांग्रेस की आस कबीरपंथी गायक पर टिकी है.
भोपाल से बीजेपी की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को 'देशभक्त' करार दिए जाने वाले बयान पर मांगी थी रिपोर्ट.
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया है कि उनकी पार्टी को 300 से ज़्यादा सीटे मिलेंगी और वो अपने दम पर सरकार बनायेंगे.
जैसे कुछ कंपनियां सिर्फ इसलिए गिग वर्कर्स का फायदा उठाती हैं क्योंकि वे ऐसा कर सकती हैं, वैसे ही कंज्यूमर्स भी उन्हें बेवजह दौड़ाते हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि हम ऐसा कर सकते हैं.