Monday, 27 June, 2022

सौम्या धनराज

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मत-विमत

‘जिताऊ उम्मीदवारों’ की बीमारी के राष्ट्रपति चुनाव तक आ पहुंचने के मायने

लेकिन आज बड़ा सवाल इसके बदले यह है कि क्या राष्ट्रपति के, जिन्हें देश का प्रथम नागरिक माना जाता है और जिनके पद में देश की प्रभुसत्ता निहित होती है, चुनाव को भी ऐसे ओछे राजनीतिक मंसूबों व जिताऊ समीकरणों से जोड़ा जाना नैतिक है? और क्या इससे इस पद का गौरव बढ़ता है?

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आदिवासी समुदायों के समग्र विकास के लिए निरंतर काम कर रही है सरकार : सिन्हा

श्रीनगर, 26 जून (भाषा) जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि सरकार आदिवासी समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर...

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बाढ़ प्रभावित असम में विधायकों की ‘छुट्टी’ और कैसे MVA मॉकटेल तेज कॉकटेल के खिलाफ है

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए पूरे दिन के सबसे अच्छे कार्टून.