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Monday, 19 October, 2026
होमविदेश2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामले में अमेरिका ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर लगाए आरोप

2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामले में अमेरिका ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर लगाए आरोप

अमेरिका की अगुवाई में कई देशों की एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह ढांढा के गैंग से जुड़े बताए जा रहे कम से कम 24 लोगों को गिरफ्तार किया और उन पर आरोप लगाए.

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नई दिल्ली: अमेरिका के न्याय विभाग (डीओजे) ने कनाडा में सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की चर्चित हत्या के मामले में जेल में बंद भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथी गोल्डी बराड़ पर आरोप लगाए हैं.

डीओजे ने भारत के कम से कम तीन आपराधिक गैंग से जुड़े बताए जा रहे 24 लोगों को भी गिरफ्तार किया है. इनमें बिश्नोई और बराड़ से जुड़े लोग भी शामिल हैं.

डीओजे ने एक बयान में कहा, “आज की कानून लागू करने वाली यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ कई साल चली संघीय जांच का नतीजा है. यह जांच भारतीय आपराधिक गैंग पर थी, जो रंगदारी, टारगेट बनाकर हत्या, गोलीबारी, जबरन वसूली, बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी और दुनिया भर में दूसरे अपराधों में शामिल हैं. इनका असर खास तौर पर भारतीय प्रवासी समुदाय पर पड़ता है.”

बयान में आगे कहा गया, “कुल 37 आरोपियों पर तीन अलग-अलग आरोपपत्रों में आरोप लगाए गए हैं. इनमें दो ऐसे आरोपी भी हैं, जो भारत की जेल में बंद रहते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोह चला रहे थे. अमेरिका में गिरफ्तार किए गए लोगों में 11 कैलिफोर्निया, एक इंडियाना और एक जॉर्जिया से हैं. इनके मंगलवार को संघीय अदालत में पहली बार पेश होने की उम्मीद है.”

बताया गया कि इन गैंग के सदस्यों को उत्तरी अमेरिका और यूरोप के कई हिस्सों से पकड़ा गया. इनमें एक आरोपी कनाडा और एक स्पेन से गिरफ्तार हुआ. इससे अटलांटिक महासागर के दोनों तरफ की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के आपसी तालमेल की झलक मिलती है.

न्याय विभाग की इस कार्रवाई में जिन तीन गैंग पर आरोप लगाए गए हैं, वे लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह ढांढा के बताए गए हैं. उत्तरी अमेरिका में किए गए अपराधों के लिए इन गैंग के सदस्यों पर आरोप लगाना अहम माना जा रहा है, क्योंकि भारत लंबे समय से ऐसे अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की ज़रूरत बताता रहा है.

बयान में कहा गया, “बिश्नोई कई महाद्वीपों में फैले बड़े आपराधिक नेटवर्क को चला रहा था. जेल में तस्करी करके पहुंचाए गए मोबाइल फोन और दूसरे इंटरनेट कॉलिंग टूल्स का इस्तेमाल कर वह खुद राजनीतिक हत्याएं, हत्याएं, गोलीबारी, जबरन वसूली, अपहरण, ड्रग्स तस्करी, मानव तस्करी और दुनिया भर में बिश्नोई गैंग के सदस्यों व सहयोगियों से दूसरे अपराध करवाता था.”

बयान में आगे कहा गया, “आरोपपत्र में जिन अपराधों का ज़िक्र है, उनमें भारत के राज्य पंजाब के एक प्रमुख राजनीतिक और धार्मिक नेता की हत्या भी शामिल है. अदालत के दस्तावेज़ में व्यक्ति की पहचान ‘H.S.N.’ (हरदीप सिंह निज्जर) के रूप में की गई है. मौत के समय वह कनाडा में था. बिश्नोई और बराड़ पर इस हत्या का आदेश देने का आरोप है. 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में एक सिख गुरुद्वारे से बाहर निकलते समय दो हमलावरों ने गोली मारकर H.S.N. की हत्या कर दी थी.”

बुधवार को अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने गोल्डी बराड़, जिसका असली नाम सतिंदरजीत सिंह है, की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 50,000 डॉलर तक के इनाम का ऐलान किया.

सितंबर 2023 में कनाडा सरकार ने आरोप लगाया था कि भारतीय अधिकारियों का निज्जर की हत्या से संबंध था. भारत ने इन आरोपों को खारिज किया था और लगातार कहा था कि कनाडा में चरमपंथी संगठनों और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गैंग को बढ़ती जगह मिल रही है.

निज्जर की हत्या को लेकर लगे आरोपों के बाद नई दिल्ली और ओटावा के रिश्तों में भारी गिरावट आई थी. हालांकि, अप्रैल 2025 में मार्क कार्नी के कनाडा के प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के रिश्तों में काफी सुधार हुआ है. बिश्नोई, बराड़ और गैंग के दूसरे सदस्यों पर जबरन वसूली के आरोप लगाने के अलावा अमेरिकी न्याय विभाग ने गैंग के सदस्यों पर ड्रग्स तस्करी के आरोपों का भी ज़िक्र किया है.

डीओजे ने कहा, “आरोपपत्र में बिश्नोई, बराड़, गोदारा और छह अन्य आरोपियों पर रैकेटियरिंग साजिश का एक आरोप, जबरन वसूली के जरिए कारोबार में दखल देने की साजिश (हॉब्स एक्ट) का एक आरोप, हॉब्स एक्ट के तहत जबरन वसूली की कोशिश के छह आरोप और कोकीन व मेथामफेटामिन जैसे नियंत्रित नशीले पदार्थों की सप्लाई की साजिश का एक आरोप लगाया गया है.”

भगवानपुरिया और ढांढा पर लगे आरोप

भगवानपुरिया पहले लॉरेंस बिश्नोई का साथी था. बाद में वह उसका प्रतिद्वंद्वी बन गया और उस पर अपना अलग अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोह चलाने का आरोप है. बिश्नोई और भगवानपुरिया, दोनों भारत की हिरासत में हैं.

बयान में कहा गया, “भारत के पंजाब के रहने वाले 38 साल के जग्गू भगवानपुरिया, जो भारत में जेल में बंद गैंगस्टर है, पहले बिश्नोई का साथी था और बाद में उसका प्रतिद्वंद्वी बन गया. उसने पंजाब में अपना अलग आपराधिक गिरोह बनाया. भगवानपुरिया गैंग भारत से संचालित होने वाला एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोह है, जिसके सदस्य अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भी हैं.”

बयान में आगे कहा गया, “अपनी ताकत बढ़ाने के लिए इस गिरोह ने भारत में कुछ कानून लागू करने वाले अधिकारियों को अपने साथ मिला लिया और कुछ भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर जबरन वसूली की साजिशों में मदद ली. इस गिरोह ने भारत की कानून लागू करने वाली एजेंसियों को कथित अपराधों के बारे में गलत जानकारी भी दी.”

अमेरिकी न्याय विभाग ने एक मामले का भी ज़िक्र किया है. इसमें कैलिफोर्निया में रहने वाले गुरलाल सिंह पर कथित तौर पर जबरन वसूली की कोशिश करने का आरोप है. बताया गया कि उसने अमेरिका में रहने वाले एक व्यक्ति से पैसे वसूलने की कोशिश की, जबकि उस व्यक्ति के परिवार के सदस्य भारत में रहते थे.

आरोप है कि गुरलाल सिंह ने “पीड़ित को धमकी दी और फिर उसका नाम पंजाब के एक भ्रष्ट कानून लागू करने वाले अधिकारी को दे दिया.” इसके बाद उस अधिकारी ने भारत में पीड़ित के परिवार के एक सदस्य के खिलाफ मामले दर्ज किए और कथित तौर पर परिवार से जबरन वसूली की कोशिश की.

कनाडा के वैंकूवर में रहने वाले रविंदर सिंह ढांढा और उसके साथियों पर आरोप है कि वे हर हफ्ते अमेरिका से कनाडा सैकड़ों किलो कोकीन और मेथामफेटामिन की तस्करी करते थे.

बयान में कहा गया, “कोकीन और मेथामफेटामिन को छिपाकर लंबी दूरी तय करने वाले सेमी-ट्रकों से लॉस एंजिलिस इलाके जिनमें लॉस एंजिलिस, वेस्ट कोविना, ओंटारियो, फॉन्टाना और पेरिस शामिल हैं से अमेरिका-कनाडा सीमा तक ले जाया जाता था. कई बार कनाडा ले जाते समय नशीले पदार्थ छिपाने के लिए खेती में इस्तेमाल होने वाले ट्रकों का भी इस्तेमाल किया जाता था.”

बयान में आगे कहा गया, “आरोपपत्र में नियंत्रित नशीले पदार्थों की सप्लाई और सप्लाई करने की मंशा रखने की साजिश का एक आरोप, नियंत्रित नशीले पदार्थों के निर्यात की साजिश का एक आरोप, लगातार आपराधिक गिरोह चलाने का एक आरोप और कोकीन की सप्लाई करने की मंशा से रखने के पांच आरोप लगाए गए हैं.”

अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से दायर ये आरोपपत्र केवल कथित अपराधों से जुड़े आरोप हैं. इन गैंग के किसी भी सदस्य को अभी तक अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है.(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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