(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 31 अक्टूबर (भाषा) क्वाड समूह के विदेश मंत्रियों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भरोसेमंद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तक पहुंच बढ़ाने के लिए तकनीकी सहायता देने की इच्छा जताई, वहीं अमेरिका ने भारत और आसियान देशों में महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण के लिए एक करोड़ अमेरिकी डॉलर देने का वादा किया।
अटलांटा में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग से मुलाकात की।
मंत्रियों ने ‘क्वाड बिजनेस लीडर्स फोरम’ के आयोजन की भी घोषणा की, जो सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा। इसमें प्रमुख क्षेत्रों में व्यावसायिक समझौतों को बढ़ावा देना भी शामिल है।
आर्थिक सहयोग को और प्रगाढ़ करने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, क्वाड देशों की निर्यात ऋण एजेंसियां 18 नवंबर को तोक्यो में बैठक करेंगी, ताकि व्यावहारिक सहयोग के अवसरों की पहचान की जा सके।
बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया, ‘‘क्वाड मंत्रियों ने आर्थिक विकास के भविष्य के लिए एआई और ‘पैक्स सिलिका’ जैसी पहल के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने ‘क्वाड एआई एक्सेलेरेटर’ के माध्यम से, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भरोसेमंद एआई तक पहुंच को समर्थन देने के लिए 8.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करने की इच्छा जताई।’’
यह इस साल आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की तीसरी बैठक थी। इससे पहले, मई में नयी दिल्ली में और जुलाई में मनीला में मंत्रियों की बैठक हुई थी।
नवंबर के मध्य में आसियान-पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलनों के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मेजबानी में क्वाड नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
भाषा सुभाष नेत्रपाल
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