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Wednesday, 4 November, 2026
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ट्रंप को बड़ा चुनावी झटका: अमेरिका में डेमोक्रेट्स ने सीनेट और हाउस, दोनों पर किया कब्जा

डेमोक्रेट्स ने सीनेट में कम से कम छह सीटें अपने नाम कर लीं—जिन्हें लंबे समय से रिपब्लिकन का गढ़ माना जाता था—इनमें टेक्सास और कंसास भी शामिल हैं.

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नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड जे. ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को मतदाताओं ने बड़ा झटका दिया है. डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी सीनेट पर नियंत्रण हासिल कर लिया है.

एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, डेमोक्रेट्स ने सीनेट की कम से कम छह सीटें रिपब्लिकन पार्टी से छीन ली हैं. इनमें टेक्सास और कंसास जैसे राज्य भी शामिल हैं, जिन्हें लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ माना जाता रहा है. डेमोक्रेटिक पार्टी ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ (प्रतिनिधि सभा) पर भी नियंत्रण हासिल करने की मजबूत स्थिति में है. देशभर में उसके उम्मीदवार जीत रहे हैं और उन सीटों पर भी कब्जा कर रहे हैं, जहां लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी जीतती रही है.

डेमोक्रेटिक पार्टी को राज्य स्तर पर भी बड़ी सफलता मिली है. पार्टी के गवर्नर पद के उम्मीदवारों ने टेक्सास, ओहायो, आयोवा और जॉर्जिया में जीत हासिल की है. इससे ट्रंप की नीतियों के खिलाफ लोगों की नाराजगी साफ दिखती है. इनमें ईरान के साथ युद्ध, बढ़ती महंगाई और आव्रजन जैसे मुद्दे शामिल हैं. डेमोक्रेटिक पार्टी के पास इससे पहले 2021 से 2023 के बीच हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट, दोनों का नियंत्रण था.

ट्रंप पहले भी चुनाव के नतीजों को मानने से इनकार कर चुके हैं. लेकिन इस बार उन्होंने द न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा कि वह “इन नतीजों को स्वीकार करने” के लिए तैयार हैं. हालांकि, व्हाइट हाउस का रुख अब भी सख्त बना हुआ है. ट्रंप ने अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया में कहा कि वह खुद चुनाव मैदान में नहीं थे और अगर वह चुनाव लड़ रहे होते, तो रिपब्लिकन पार्टी भारी बहुमत से जीतती.

बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पर एक लाल टोपी की तस्वीर पोस्ट की, जिस पर ‘वीटो’ लिखा था. यह अगले दो साल में अमेरिकी कांग्रेस और व्हाइट हाउस के बीच संभावित टकराव का संकेत है.

टेक्सास में बड़ी जीत

3 नवंबर की रात डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए टेक्सास में सबसे बड़ी सफलता लेकर आई. पार्टी लंबे समय से इस राज्य में सीनेट की एक सीट जीतने का सपना देख रही थी. अमेरिका का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी के कब्जे में रहा है. टेक्सास में आखिरी बार डेमोक्रेटिक उम्मीदवार लॉयड बेंटसन ने 1988 में जीत हासिल की थी.

बेंटसन की जीत के कई महीने बाद जेम्स टालारिको का जन्म भी नहीं हुआ था. अब टालारिको टेक्सास से डेमोक्रेटिक पार्टी के नए निर्वाचित सीनेटर हैं. उन्होंने राज्य के रिपब्लिकन अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन को हराया. पैक्सटन कई विवादों में घिरे रहे हैं और उन्हें ट्रंप का समर्थन हासिल था.

एक अन्य सीट पर जीत हासिल करते हुए जीना हिनोजोसा टेक्सास में गवर्नर पद का चुनाव जीतने वाली पहली डेमोक्रेट बन गई हैं. उन्होंने लगातार तीन बार गवर्नर रह चुके रिपब्लिकन ग्रेग एबॉट को हरा दिया. ट्रंप ने टेक्सास में अपनी पार्टी की हार के लिए एबॉट को जिम्मेदार ठहराया और उन्हें ‘सिर्फ नाम के रिपब्लिकन’ (RINO) बताया.

मध्यावधि चुनाव 2024 में तीनों प्रमुख संस्थाओं- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स, सीनेट और व्हाइट हाउस पर नियंत्रण हासिल करने के बाद रिपब्लिकन पार्टी के सामने पहला बड़ा चुनाव है. चुनाव से पहले सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 सीटें थीं. बहुमत हासिल करने के लिए डेमोक्रेट्स को रिपब्लिकन पार्टी के कब्जे वाली कम से कम छह सीटें जीतनी थीं. साल की शुरुआत में यह लक्ष्य काफी मुश्किल लग रहा था.

हालांकि, देशभर में पेट्रोल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और महंगाई के संकट ने मतदाताओं को परेशान कर दिया. ईरान के साथ ट्रंप के युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका असर अमेरिकी मतदाताओं पर भी पड़ा है.

डेमोक्रेटिक पार्टी ने बढ़ती कीमतों को अपना प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया. वहीं, रिपब्लिकन पार्टी ने कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल करने के लिए अपने विरोधियों के कट्टरपंथी विचारों को उजागर करने पर जोर दिया. डेमोक्रेट्स का यह चुनावी संदेश मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में कामयाब रहा. ऐसा तब हुआ, जब कुछ साल पहले तक मतदाता इस पार्टी से नाराज थे. उस समय व्हाइट हाउस और सीनेट, दोनों पर नियंत्रण होने के बावजूद डेमोक्रेटिक पार्टी ने इन्हें रिपब्लिकन पार्टी के हाथों गंवा दिया था.

डेमोक्रेट्स को मिलीं अन्य बड़ी जीत

एक अन्य बड़ी जीत में एसोसिएटेड प्रेस ने कंसास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एडम हैमिल्टन को सीनेट सीट का विजेता घोषित किया है. हैमिल्टन 1932 के बाद कंसास से सीनेट सीट जीतने वाले पहले डेमोक्रेट होंगे. 2024 में ट्रंप ने इस राज्य में 16 प्रतिशत से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी. इसलिए इस सीट को रिपब्लिकन पार्टी के लिए सुरक्षित माना जा रहा था.

इसी तरह, ओहायो के पूर्व डेमोक्रेटिक सीनेटर शेरॉड ब्राउन ने रिपब्लिकन उम्मीदवार जॉन हस्टेड को हराकर सीनेट में वापसी की है. हस्टेड को 2025 में सीनेट के लिए नियुक्त किया गया था. यह सीट तब खाली हुई थी, जब जे.डी. वेंस अमेरिका के उपराष्ट्रपति चुने गए थे.

ब्राउन ओहायो से तीन बार सीनेटर रह चुके हैं. 2024 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, जब रिपब्लिकन पार्टी ने डेमोक्रेटिक पार्टी के कब्जे वाली कई सीटों पर जीत हासिल कर ली थी. अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्राउन ने ओहायो के मतदाताओं का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने X पर लिखा, “आइए, काम शुरू करते हैं.”

AP के मौजूदा अनुमानित नतीजों के मुताबिक, सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 51 सीटें हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 40 सीटों पर आगे है. मतगणना जारी है और आठ अन्य सीटों के नतीजे घोषित होने बाकी हैं.

ओहायो में डेमोक्रेटिक पार्टी को एक और बड़ी जीत मिली है. एमी एक्टन राज्य की अगली गवर्नर चुनी गई हैं. उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के भारतीय मूल के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को हराया. रामास्वामी ट्रंप प्रशासन के सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) का हिस्सा रह चुके हैं और रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के पूर्व उम्मीदवार भी हैं. उन्होंने एक्टन के हाथों अपनी हार स्वीकार कर ली है.

इस चुनाव में एक विज्ञापन को लेकर विवाद भी हुआ था. रामास्वामी ने एक विज्ञापन जारी किया था, जिसमें एक्टन की मां अपने सौतेले पिता पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को “झूठी” कहती नजर आई थीं. एक्टन के सौतेले पिता क्लेडिथ आर्थर पर इस मामले में आरोप लगाए गए थे. लेकिन वह दूसरे राज्य भाग गए थे और 2004 में उनकी मौत हो गई थी.

अमेरिका के राजनीतिक हलकों के बड़े हिस्से में इस विज्ञापन को लेकर नाराजगी देखने को मिली. हालांकि, ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान रामास्वामी के इस विज्ञापन का बचाव किया और अपने रुख पर कायम रहे.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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