(फरहान खान)
तेल अवीव, 28 अक्टूबर (भाषा) इजराइल के तीन प्रमुख प्रसारणकर्ताओं के ‘एग्जिट पोल’ (मतदान बाद सर्वेक्षण) के अनुसार, देश के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को सत्तारूढ़ गठबंधन से अधिक सीट मिलने का अनुमान है यानी संसदीय चुनाव में किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने के आसार नहीं हैं।
मंगलवार को हुए संसदीय चुनाव के चैनल 13, चैनल 12 और सार्वजनिक प्रसारणकर्ता ‘कान’ के ‘एग्जिट पोल’ के अनुसार, नेतन्याहू के गठबंधन को 120 सदस्यीय संसद ‘नेसेट’ में 50 सीट मिलने का अनुमान है। यह बहुमत के लिए आवश्यक 61 सीट से कम है। विपक्षी गठबंधन को 52 से 53 सीट, जबकि अरब नेतृत्व वाली पार्टियों को 17 से 18 सीट मिलने का अनुमान है।
आइजेनकोट ने कहा है कि ‘एग्जिट पोल’ के नतीजे मौजूदा प्रधानमंत्री के प्रति ‘‘विश्वास की कमी’’ का संकेत देते हैं।
केंद्रीय चुनाव समिति के अनुसार, चुनाव में 77.7 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया, जो 2022 की तुलना में 7.1 प्रतिशत अधिक है। यह 1999 के बाद सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है।
वहीं, ‘आई24न्यूज’ के एक अलग ‘एग्जिट पोल’ में नेतन्याहू के गठबंधन को अन्य सर्वेक्षणों की तुलना में अधिक सीट मिलने का अनुमान जताया गया है। इसके अनुसार, नेतन्याहू के गठबंधन को 55 और आइजेनकोट के गठबंधन को 49 सीट मिल सकती हैं, जबकि अरब नेतृत्व वाली पार्टियों को 16 सीट मिलने का अनुमान है।
‘एग्जिट पोल’ के अलग-अलग अनुमानों से संकेत मिलता है कि फिलहाल दोनों में से किसी भी गठबंधन के लिए सरकार बनाना आसान नहीं होगा और गठबंधन सरकार बनाने के लिए लंबी बातचीत हो सकती है।
चैनल 13 के ‘एग्जिट पोल’ के अनुसार, लिकुड को 25 और आइजेनकोट की मध्यमार्गी पार्टी ‘याशार’ को 23 सीट मिलने का अनुमान है। चैनल 12 ने लिकुड को 24 और याशार को 22 सीट मिलने का अनुमान जताया है, जबकि ‘कान’ के अनुसार लिकुड को 25 और याशार को 21 सीट मिल सकती हैं।
‘आई24न्यूज’ के एग्जिट पोल में लिकुड को 27 और याशार को 20 सीट मिलने का अनुमान है।
एग्जिट पोल में अरब नेतृत्व वाली पार्टियों के अच्छे प्रदर्शन का अनुमान जताया गया है। ये पार्टियां नेतन्याहू का विरोध करती हैं, लेकिन मुख्य रूप से यहूदी नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन का औपचारिक हिस्सा नहीं हैं।
चैनल 13 और ‘कान’ के अनुसार, अरब नेतृत्व वाले दलों को 17 सीट मिल सकती हैं, जबकि चैनल 12 ने उन्हें कुल 18 सीट मिलने का अनुमान जताया है।
चैनल 13 और ‘कान’ के एग्जिट पोल में ‘ज्वाइंट लिस्ट’ को 10 सीट और चैनल 12 के अनुमान में 11 सीट मिलने की संभावना जताई गई है। तीनों एग्जिट पोल में इस्लामी पार्टी ‘राम’ को सात सीट मिलने का अनुमान है।
इन नतीजों से चुनाव के बाद सरकार गठन के लिए होने वाली बातचीत में अरब पार्टियों का प्रभाव बढ़ सकता है। गठबंधन में शामिल हुए बिना उनका समर्थन या विश्वास मत के दौरान मतदान से दूर रहने का फैसला विपक्ष की अल्पमत सरकार बनाने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि, नेतन्याहू और आइजेनकोट दोनों ने अरब नेतृत्व वाली पार्टियों के साथ औपचारिक गठबंधन करने से इनकार किया है।
नफ्ताली बेनेट के विपक्षी गठबंधन ‘बी याखाद’ को चैनल 13 और ‘कान’ के एग्जिट पोल में 14 सीट और चैनल 12 के अनुमान में 12 सीट मिलने की संभावना है।
यायर गोलान के नेतृत्व वाली वामपंथी झुकाव वाली पार्टी ‘डेमोक्रेट्स’ को चैनल 12 और चैनल 13 के एग्जिट पोल में नौ सीट, जबकि ‘कान’ के अनुमान में 10 सीट मिल सकती हैं।
तीनों प्रसारकों के अनुमानों के अनुसार, नेतन्याहू समर्थक गठबंधन बहुमत से काफी पीछे रह सकता है। लिकुड और उसका समर्थन करने वाली धुर दक्षिणपंथी तथा कट्टरपंथी यहूदी धार्मिक पार्टियों को कुल मिलाकर 50 सीट मिलने का अनुमान है।
इजराइल के कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ‘एग्जिट पोल’ में सामने आए सीट के आंकड़ों को देखते हुए चुनाव के तुरंत बाद नेतन्याहू के सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत जुटा पाने की संभावना बहुत कम है।
ऐसे में नेतन्याहू सरकार बनाने का असफल प्रयास करने के बजाय विपक्ष को गठबंधन बनाने का मौका दे सकते हैं और उसके आपसी मतभेदों के कारण सरकार बनाने की कोशिश विफल होने का इंतजार कर सकते हैं। इससे देश में फिर चुनाव कराने की स्थिति पैदा हो सकती है।
हालांकि, ऐसी स्थिति में भी नेतन्याहू की सत्ता में वापसी सुनिश्चित नहीं होगी, लेकिन उन्हें अपना समर्थन फिर से बढ़ाने का एक और अवसर मिल सकता है।
भाषा सिम्मी सुरभि
सुरभि
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