नई दिल्ली: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत की द्विपक्षीय यात्रा की योजना “अनुकूल माहौल” और “शेख हसीना तथा दूसरे फरार अपराधियों को प्रत्यर्पित करने” के लिए तेजी से कार्रवाई के साथ-साथ उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों को सौंपने पर टिकी हुई है, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा.
एक प्रेस ब्रीफिंग में मंत्रालय के प्रवक्ता ए.के.एम. शाहिदुल करीम ने कहा कि बांग्लादेश और भारत “कई हफ्तों से द्विपक्षीय यात्रा की संभावना” को लेकर एक-दूसरे के संपर्क में हैं, लेकिन यह प्रक्रिया “5 अगस्त को नई दिल्ली में शेख हसीना द्वारा खुले तौर पर प्रेस से बातचीत करने के कारण खराब हो गई”. शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध करने के लिए इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने दोषी ठहराया है.
उन्होंने कहा, “हमने इस मामले पर अपनी स्थिति साफ कर दी है. हमारा मानना है कि इस यात्रा के लिए एक अनुकूल माहौल बनाया जाना चाहिए.” उन्होंने कहा, “इसी दिशा में हमने भारतीय अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे शेख हसीना और दूसरे फरार अपराधियों को प्रत्यर्पित करने की हमारी मांग पर जल्द कार्रवाई करें और हमारे द्विपक्षीय प्रत्यर्पण समझौते के तहत शहीद उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों को बांग्लादेश को सौंपें. हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं.”
इस मांग से रहमान की भारत यात्रा की तैयारियां मुश्किल हो गई हैं. प्रधानमंत्री बनने के बाद फरवरी में पद संभालने के बाद यह उनकी भारत की पहली यात्रा होगी. दोनों सरकारें कई हफ्तों से यात्रा की तारीख पर चर्चा कर रही हैं. दिप्रिंट ने जानकारी दी थी, भारत ने 21-22 अगस्त की तारीख का प्रस्ताव रखा है.
हालांकि, बांग्लादेश सितंबर की शुरुआत में यात्रा के पक्ष में है, क्योंकि देश में घरेलू राजनीतिक कार्यक्रम चल रहे हैं.
भारत ने फरवरी में रहमान को द्विपक्षीय यात्रा के लिए आमंत्रित किया था, भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा. हालांकि, मंत्रालय ने इसके बारे में और जानकारी देने से इनकार कर दिया. भारत ने प्रधानमंत्री को अगले महीने होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में भी शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है. वह बंगाल की खाड़ी के बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए पहल यानी BIMSTEC के अध्यक्ष के रूप में इसमें शामिल हो सकते हैं.
हालांकि, ढाका एक राजकीय यात्रा को प्राथमिकता देता है. इससे दोनों सरकारों को दोनों देशों के बीच मौजूद सभी तरह के विवादों पर बात करने का मौका मिलेगा, बजाय इसके कि बातचीत को किसी बहुपक्षीय बैठक के दौरान होने वाली सीमित बातचीत तक रखा जाए.
यात्रा की तारीख अभी तय नहीं हुई है. बांग्लादेश में 20 अगस्त को राष्ट्रपति चुनाव होना है, जबकि उसकी संसद का तीसरा सत्र 27 अगस्त से शुरू होने वाला है. बातचीत से परिचित लोगों के अनुसार, इन कार्यक्रमों की वजह से सितंबर की शुरुआत में रहमान की यात्रा ज्यादा सुविधाजनक होगी.
बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी की विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से दोबारा मुलाकात होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों पक्ष तारीख को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं. त्रिवेदी पहले भी राजनयिक तनाव के बीच उनसे मिल चुके हैं. बांग्लादेश की स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में पहले दावा किया गया था कि हसीना के मीडिया कार्यक्रम के बाद रहमान के BRICS बैठक में शामिल होने की संभावना “लगभग खत्म हो गई” है.
करीम ने रविवार की ब्रीफिंग में कहा, “हम दोहराते हैं कि हम अपनी ‘बांग्लादेश फर्स्ट’ नीति को आगे बढ़ाते रहेंगे, ताकि दूसरे देशों, जिनमें हमारे पड़ोसी भी शामिल हैं, के साथ दोस्ताना द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा दिया जा सके. यह नीति संप्रभु समानता, राष्ट्रीय सम्मान, एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने और आपसी लाभ के आधार पर होगी.”
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