नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि अगर सरकार ने 37 दिन लंबे नीट आंदोलन को खत्म करने के दौरान हुए समझौते का पालन नहीं किया, तो पार्टी फिर से आंदोलन शुरू करेगी.
सीजेपी ने एक्स पर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को संबोधित करते हुए कहा कि आंदोलनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं करने का वादा तोड़ा जा रहा है. पार्टी ने आरोप लगाया कि बिहार, पश्चिम बंगाल और दिल्ली समेत कई राज्यों में छात्रों को गिरफ्तार किया जा रहा है और उन्हें परेशान किया जा रहा है.
Dear @JPNadda @DrJitendraSingh ji,
We are observing a complete breach of the agreement regarding no police action against the protestors. Hundreds of students have been arrested in Bihar and Bengal, and hundreds are being surveilled/harrassed in Delhi and other states. Multiple…
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) July 27, 2026
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, “हम देख रहे हैं कि आंदोलनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं करने के समझौते का पूरी तरह उल्लंघन हो रहा है. बिहार और पश्चिम बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. दिल्ली और दूसरे राज्यों में कई छात्रों की निगरानी की जा रही है और उन्हें परेशान किया जा रहा है. दिल्ली में आंदोलनकारियों की मदद करने वाले कई स्वयंसेवकों को हिरासत में लेने की भी खबरें सामने आ रही हैं.”
CJP ने मांग की है कि आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर तुरंत वापस ली जाएं, हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा किया जाए और भविष्य में किसी भी छात्र के खिलाफ नया मामला दर्ज न किया जाए. पार्टी ने यह भी कहा कि कानूनी सुरक्षा से जुड़े लिखित समझौते की कॉपी मंगलवार तक उन्हें दी जाए.
रांका ने कहा, “अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो हमें फिर से आंदोलन पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.”
यह आंदोलन 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खत्म हुआ था. उस समय सरकार ने CJP और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को भरोसा दिया था कि आंदोलनकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी, पुलिस उन्हें परेशान नहीं करेगी और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाया जाएगा.
इधर संसद में भी इस मुद्दे पर हंगामा जारी है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सांसदों ने बिहार में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और एके-47 के इस्तेमाल का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा है.
इससे पहले सोमवार को CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने भी असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में छात्रों और आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी की खबरों पर चिंता जताई थी. उन्होंने केंद्र सरकार से सभी छात्रों को तुरंत रिहा करने और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की.
दास ने एक्स पर लिखा, “युवाओं के साथ भरोसा तोड़ना बिल्कुल स्वीकार नहीं होगा. हमने अपना देशव्यापी आंदोलन सिर्फ इसलिए खत्म किया था क्योंकि भारत सरकार ने भरोसा दिया था कि किसी भी आंदोलनकारी के खिलाफ अब या भविष्य में कोई कार्रवाई नहीं होगी.”
उन्होंने कहा, “हमें असम, पश्चिम बंगाल और बिहार से छात्रों और आंदोलनकारियों को हिरासत में लेने और गिरफ्तार करने की कई खबरें मिल रही हैं, जो बेहद चिंता की बात है.”
दास ने कहा कि सीजेपी की कानूनी टीम संबंधित राज्यों के वकीलों के साथ मिलकर गिरफ्तार छात्रों की रिहाई के लिए काम कर रही है और शुरुआत से ही उन्हें कानूनी मदद दी जा रही है.
उन्होंने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह अपने दिए गए आश्वासन का सम्मान करें, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कराएं और देश में कहीं भी आंदोलनकारियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न होने दें. उन्होंने यह भी कहा कि दर्ज एफआईआर भी वापस ली जानी चाहिए.
दास ने सरकार को यह भी याद दिलाया कि उसने 28 जुलाई तक इस संबंध में लिखित गारंटी देने का वादा किया था.
उन्होंने कहा, “हमने सरकार के भरोसे पर ही आंदोलन रोका था. अगर सरकार अपने वादे से पीछे हटती है, तो यह सिर्फ CJP के साथ नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं के साथ भी विश्वासघात होगा जिन्होंने आंदोलन की जगह बातचीत का रास्ता चुना.”
उन्होंने कहा, “सरकार की विश्वसनीयता सिर्फ वादा करने से नहीं, बल्कि उसे निभाने से बनती है.”
शनिवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP को भरोसा दिया था कि आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
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