scorecardresearch
Monday, 21 September, 2026
होमराजनीतिमोदी कैबिनेट के आधे मंत्रियों का स्टॉक मार्केट में निवेश नहीं. FD, जमीन और मवेशियों में लगाते हैं पैसा

मोदी कैबिनेट के आधे मंत्रियों का स्टॉक मार्केट में निवेश नहीं. FD, जमीन और मवेशियों में लगाते हैं पैसा

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कैबिनेट मंत्रियों की ओर से दी गई संपत्ति की जानकारी के मुताबिक, 30 मंत्रियों में से 8 सिर्फ FD में निवेश करते हैं और 15 बाजार में निवेश करते हैं.

Text Size:

नई दिल्ली: 2,370 दिन और लगातार बढ़ते हुए, भारत का शेयर बाज़ार अपने इतिहास की सबसे लंबी तेज़ी की ओर बढ़ रहा है. बुल रन यानी तेज़ी का दौर वह होता है, जब शेयरों की कीमतें बढ़ रही हों और निवेशकों को बाज़ार को लेकर उम्मीद हो, लेकिन इस तेज़ी के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट के आधे मंत्रियों को अपने पैसे के मामले में शेयर बाज़ार पर ज्यादा भरोसा नहीं दिखता. वे इसके बजाय ज़मीन, गहने और फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करना पसंद करते हैं.

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कैबिनेट मंत्रियों की ओर से दी गई संपत्ति की जानकारी के मुताबिक, 30 मंत्रियों में से 8 सिर्फ FD में निवेश करते हैं और बाज़ार में निवेश नहीं करते. वहीं 15 मंत्री बाज़ार में निवेश करते हैं, जिनमें 5 ऐसे हैं जो म्यूचुअल फंड में भी निवेश करते हैं.

जिन मंत्रियों का निवेश सिर्फ FD में है और बाज़ार में कोई निवेश नहीं है, उनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल, पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह, नागरिक उड्डयन मंत्री के.आर. नायडू, जनजातीय मामलों के मंत्री जुआल ओराम और कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह शामिल हैं.

उदाहरण के लिए, जयशंकर के पास FD में कुल 5.59 करोड़ रुपये का निवेश है और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) के बॉन्ड में 50 लाख रुपये हैं. नड्डा ने SBI में 7.15 लाख रुपये का FD खाता, 4.5 लाख रुपये की सोने की अंगूठियां, 9.61 लाख रुपये की Innova Crysta कार और हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर और कुल्लू में बनाए गए दो घर घोषित किए हैं.

बिलासपुर वाले घर की ज़मीन उन्हें विरासत में मिली है, जबकि कुल्लू वाले घर की ज़मीन उन्हें उपहार में मिली है. हालांकि, उन्होंने बताया है कि दोनों घर उन्होंने खुद लोन लेकर और अपनी निजी बचत का इस्तेमाल करके बनाए हैं.

हालांकि, सभी कैबिनेट मंत्रियों ने जिन कंपनियों में वे निवेश करते हैं, उनके बारे में पूरी जानकारी नहीं दी है, लेकिन कुछ मंत्रियों का निवेश पोर्टफोलियो काफी बड़ा है.

उदाहरण के लिए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सूचीबद्ध सिक्योरिटीज में 2.23 करोड़ रुपये और गैर-सूचीबद्ध सिक्योरिटीज में 3.07 लाख रुपये का निवेश बताया है. सूचीबद्ध सिक्योरिटीज वे होती हैं जो आधिकारिक तौर पर किसी मान्यता प्राप्त शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध और खरीदी-बेची जाती हैं. गैर-सूचीबद्ध सिक्योरिटीज किसी सार्वजनिक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध नहीं होती हैं.

इसी तरह, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के पास सूचीबद्ध सिक्योरिटीज में 9.70 करोड़ रुपये और गैर-सूचीबद्ध सिक्योरिटीज में 1.01 लाख रुपये का निवेश है.

दूसरी ओर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के पास कई सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर हैं. सूचीबद्ध कंपनियों में उनके पास अडाणी पावर के 8,990 शेयर हैं, जिनकी संपत्ति की जानकारी देते समय कीमत 13.48 लाख रुपये थी. उनके पास सरकारी कंपनी गुजरात अल्कलीज एंड केमिकल्स लिमिटेड (GACL) के 500 शेयर हैं, जिनकी कीमत 2.84 लाख रुपये थी. उनके पास स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के 50 शेयर हैं, जिनकी कीमत 49,000 रुपये थी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के 20 शेयर हैं, जिनकी कीमत 26,880 रुपये थी. इसके अलावा भी उनके पास कई शेयर हैं.

गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में उनके पास CRP Financial Services Pvt Ltd में 22.72 लाख रुपये की हिस्सेदारी है. Shri Sai Ashish Dyeing and Printing Mills Pvt Ltd में 29.01 लाख रुपये की हिस्सेदारी है. इसके अलावा Shri Sai Prakashan Pvt Ltd के 930 शेयर हैं, जिनकी कीमत 22.85 लाख रुपये है. Avnip Silk Mills Pvt Ltd में भी 11.79 लाख रुपये की हिस्सेदारी है. इसके अलावा भी कई कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी है.

पाटिल के पास कुल 26.17 लाख रुपये की FD भी हैं और 1.09 करोड़ रुपये का म्यूचुअल फंड निवेश भी है.

महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के पास भी अलग-अलग तरह का निवेश पोर्टफोलियो है. उनके पास ONGC के 540 शेयर हैं, जिनकी कीमत 1.33 लाख रुपये है. SBI के 1,500 शेयर हैं, जिनकी कीमत 15.65 लाख रुपये है. JIO FIN के 24 शेयर हैं, जिनकी कीमत 5,826 रुपये है. रिलायंस के 48 शेयर हैं, जिनकी कीमत 63,792 रुपये है और रिलायंस पावर के 27 शेयर हैं, जिनकी कीमत 661.77 रुपये है. उनके पास कुल 28.25 लाख रुपये की 5 FD भी हैं.

इसके अलावा, SBI के इन फंडों में उनका 80.69 लाख रुपये का निवेश है: एसबीआई लाइफ स्मार्ट प्रिविलेज एलपी सीरीज 2, एसबीआई मैग्नम इक्विटी ईएसजी एक्सक्लूजनरी स्ट्रैटेजी फंड, एसबीआई फोकस्ड फंड-रेगुलर प्लान ग्रोथ, एसबीआई एमएनसी फंड-रेगुलर प्लान ग्रोथ, एसबीआई फोकस्ड इक्विटी फंड रेगुलर ग्रोथ, एसबीआई लाइफ स्मार्ट प्रिविलेज एलपी प्लान पी-सीरीज 3.

FD और रिवॉल्वर

संपत्ति की जानकारी के मुताबिक, राजनाथ सिंह के पास .32 रिवॉल्वर और दो पाइप गन भी हैं. भारी उद्योग और सार्वजनिक उपक्रम मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने 6.4 लाख रुपये की कीमत की 34 गायें और 6.14 लाख रुपये की कीमत की 273 बन्नूर भेड़ें घोषित की हैं. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री जीतन राम मांझी ने भी 2 लाख रुपये की कीमत की 4 गायें और 3 बछड़े घोषित किए हैं.

कुछ ऐसे कैबिनेट मंत्री भी हैं जिनका FD या बाज़ार में बिल्कुल कोई निवेश नहीं है. उदाहरण के लिए, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार के पास शेयर बाजार में या FD में कोई निवेश नहीं दिखता. उन्होंने भोपाल में 1 करोड़ रुपये का एक फ्लैट और मध्य प्रदेश के विट्ठल नगर में 18 लाख रुपये की एक अन्य संपत्ति घोषित की है.

ये उनकी खुद की खरीदी हुई संपत्तियां हैं. इसके अलावा उनके पास दो पैतृक संपत्तियां भी हैं. उन्होंने 6.08 लाख रुपये के गहने, एक रिवॉल्वर, 37 साल पुराना स्कूटर और 30,000 रुपये का मोबाइल फोन भी घोषित किया है.

इसी तरह, कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी चल संपत्ति में 30,000 रुपये की Unit Linked Insurance Plan (ULIP), 15 लाख रुपये के गहने, अपने बेटे को दिए गए 50 लाख रुपये के एडवांस और कुल 54 लाख रुपये की नकदी और बैंक बैलेंस घोषित किया है. उन्होंने भी शेयर बाज़ार या FD में किसी निवेश की जानकारी नहीं दी है. चौहान के पास मध्य प्रदेश के विदिशा और बुधनी में खुद खरीदी गई संपत्तियां भी हैं, जिनकी कीमत 2.24 करोड़ रुपये है.

संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने किसी भी निवेश की जानकारी नहीं दी है. उनके पास सिर्फ दो LIC पॉलिसी, एक SBI Smart Elite पॉलिसी, 3.44 लाख रुपये कीमत का 24 ग्राम सोना और 5 संपत्तियां हैं. इनमें से 4 संपत्तियां पूरी या कुछ हिस्से में विरासत में मिली हैं. इनमें एक ऐसी संपत्ति भी है जो सरकार की ओर से आवंटित की गई है.

मांझी ने अपने नाम पर खरीदी गई किसी संपत्ति की जानकारी नहीं दी है. उन्होंने बिहार के महकार गांव में सिर्फ एक पुश्तैनी घर का जिक्र किया है. इस संपत्ति का बंटवारा उनके और उनके दिवंगत भाई के वारिस के बीच होना है. उन्होंने अपने बैंक खातों में 23 लाख रुपये, 45,000 रुपये नकद, 5,000 रुपये कीमत की एक एंबेसडर कार, 3,60,000 रुपये कीमत की एक स्कॉर्पियो SUV, 45,000 रुपये के एयर कंडीशनर और 2 लाख रुपये की कीमत की 4 गायें और 3 बछड़े घोषित किए हैं.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शेयर बाजार में किसी निवेश की जानकारी नहीं दी है. हालांकि, उन्होंने अपने पेंशन खाते, PPF खाते, सेविंग्स अकाउंट और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम खातों में कुल 68.86 लाख रुपये घोषित किए हैं.

उनके पास Toyota Innova Hycross कार भी है. उनके पास नई दिल्ली में एक अपार्टमेंट है, जिसे जनवरी 2005 में 2.5 करोड़ रुपये में खरीदा गया था. गुरुग्राम में उनकी बेटी के साथ संयुक्त रूप से एक पेंटहाउस भी है. यह पेंटहाउस 2007 में 4.53 करोड़ रुपये में खरीदा गया था और अगस्त 2025 में 12.90 करोड़ रुपये में बेच दिया गया.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: शाह बानो से वक़्फ़ तक: कैसे मुस्लिम राजनीति ने बुद्धिजीवी नहीं, बल्कि सिर्फ बिचौलिए पैदा किए हैं


 

share & View comments