लखनऊ: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 2027 उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए युवा पीढ़ी तक पहुंच बनाने के उद्देश्य से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम के व्यंग्यात्मक अभियान को लेकर बनी जिज्ञासा को पकड़ लिया है.
CJP को “आलसी और बेरोजगारों की आवाज” के तौर पर पेश किया गया है. यह उस विवादित टिप्पणी के बाद सामने आया, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश ने कुछ बेरोजगार युवाओं और लोगों को “कॉकरोच” और “परजीवी” कहा था.
लोकप्रिय लैपटॉप योजना को फिर से शुरू करने से लेकर PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) पाठशालाएं शुरू करने तक, अखिलेश पहली बार वोट देने वाले युवाओं और शिक्षा व रोजगार को लेकर चिंतित नौजवानों से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं.
सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस तेजी से इसी दिशा में बढ़ रही है और समाजवादी पार्टी 2027 में जेन Z वोटरों को एक निर्णायक ताकत के रूप में गंभीरता से लेती दिख रही है.
पार्टी नेताओं के मुताबिक, पिछले एक महीने में अखिलेश ने अलग-अलग जिलों के मेधावी छात्रों को 1,000 से ज्यादा लैपटॉप बांटे हैं. मेरठ में ऐसे ही एक कार्यक्रम में अखिलेश ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी दोबारा सत्ता में आती है, तो लड़कियों की KG से PG तक की पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त कर दी जाएगी.
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी डिजिटल डिवाइस बांटने वाली पहली पार्टी थी, जिसका उद्देश्य समाज में डिजिटल दूरी को कम करना था. उन्होंने कहा कि SP सरकार के दौरान बांटे गए कई लैपटॉप आज भी चल रहे हैं और उन्होंने युवाओं को पेशेवर करियर शुरू करने में मदद की.
हाल ही में विपक्षी पार्टी ने लखनऊ की छात्रा सारा मोइन को लैपटॉप गिफ्ट किया. सारा को देखने और सुनने में दिक्कत है और उसने ISC परीक्षा में 98.75 प्रतिशत अंक हासिल किए थे.
पीडीए का काम, प्रतिभाओं का सम्मान! pic.twitter.com/D2RUDDQYD5
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 3, 2026
सारा के पिता मोइन अहमद ने दिप्रिंट से कहा, “जब हमारी बेटी के नंबरों की खबर सामने आई, तब SP नेता पूजा शुक्ला ने हमसे संपर्क किया और कहा कि उन्हें अखिलेश जी ने भेजा है. अगले दिन हम उनसे उनके पार्टी कार्यालय में मिले. उन्होंने मेरी बेटी को एक लैपटॉप दिया… यह पूर्व मुख्यमंत्री की बहुत अच्छी पहल है. सत्ता में न रहते हुए भी वह सामाजिक उद्देश्य के लिए छात्रों का समर्थन कर रहे हैं.”
अखिलेश के मुख्यमंत्री रहने के दौरान 2012 से 2017 के बीच शुरू की गई लैपटॉप योजना के तहत 10वीं और 12वीं पास करने वाले हजारों छात्रों को मुफ्त लैपटॉप दिए गए थे. उस समय स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुंच सीमित थी, इसलिए इस योजना ने अखिलेश की छवि एक आधुनिक और तकनीक-समर्थक नेता के रूप में बनाई.
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि अखिलेश की रणनीति SP की पारंपरिक जातीय समीकरणों पर निर्भर राजनीति से हटकर शिक्षा, तकनीक और डिजिटल संचार पर केंद्रित व्यापक युवा-केन्द्रित राजनीति की ओर बदलाव दिखाती है.
सत्ता से बाहर रहने के बावजूद अखिलेश लैपटॉप योजना को युवाओं को सशक्त बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के सबूत के रूप में पेश करते हैं. पिछले चुनावों में उन्होंने स्मार्टफोन और लैपटॉप देने का वादा किया था और उन्हें मुफ्त की चीजों के बजाय सशक्तिकरण के साधन के रूप में पेश किया था.
युवा वोटरों को ध्यान में रखकर शुरू की गई एक और पहल ‘PDA पाठशालाएं’ हैं. ये पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक परिवारों के बच्चों के लिए चलने वाली अनौपचारिक शैक्षणिक कक्षाएं हैं.
SP पदाधिकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में 200 से ज्यादा PDA पाठशालाएं शुरू की जा चुकी हैं. युवाओं और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों तक पहुंच बनाने के बड़े अभियान के तहत पार्टी नेता और कार्यकर्ता माता-पिता से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें बच्चों को शाम की कक्षाओं में भेजने की सलाह दे रहे हैं ताकि उन्हें पढ़ाई और सामाजिक जागरूकता में मदद मिल सके.
समाजवादी पार्टी के कई नेता दावा करते हैं कि अखिलेश यादव कुछ छात्रों की विदेश में पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद भी कर रहे हैं.
हाल ही में लखनऊ की रहने वाली प्रिंसी प्रजापति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उसने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले में मास्टर्स प्रोग्राम में दाखिला मिलने के बाद आर्थिक मदद करने के लिए अखिलेश का धन्यवाद किया. उसने कहा कि SP प्रमुख ने न सिर्फ उसकी ट्यूशन फीस भरी, बल्कि रहने का खर्च भी उठाया.
SM रणनीति
अखिलेश इंटरनेट से चलने वाली राजनीतिक बहसों में लगातार ज्यादा सक्रिय हो गए हैं. उनका हालिया ‘BJP बनाम CJP’ सोशल मीडिया पोस्ट युवाओं में लोकप्रिय मीम संस्कृति से जुड़ने की कोशिश के रूप में देखा गया.
राजनीतिक संचार रणनीतिकार अभिजीत दिपके द्वारा शुरू की गई CJP को मीम बनाने वालों और विपक्षी समर्थकों के बीच काफी लोकप्रियता मिली है. BJP और उसकी सरकार को निशाना बनाते हुए मज़ाकिया कंटेंट बड़े पैमाने पर शेयर किए जा रहे हैं. गुरुवार को भारत में CJP का X अकाउंट रोक दिया गया.
ज़ुल्मी हुक्मरानों से कह दो आज
बंदिशों में कब बंधा है ‘इंक़लाब’#BJP_बनाम_CJP pic.twitter.com/QJ3FyNc4W2— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 21, 2026
SP पदाधिकारियों का मानना है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ट्रेंड के समर्थन में अखिलेश की सोशल मीडिया पोस्ट का मकसद यह संदेश देना था कि उनकी पार्टी जेन Z के बीच चर्चा में रहने वाले मुद्दों के साथ खड़ी है.
कुछ हफ्ते पहले अखिलेश ने उत्तर प्रदेश के डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स के साथ बैठक की थी, जिन्हें पार्टी की विचारधारा के प्रति सहानुभूति रखने वाला या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पार्टी से जुड़ा कंटेंट बढ़ावा देने वाला माना जाता है.
SP प्रवक्ता सुधीर पंवार के मुताबिक, अखिलेश यादव को सोशल ट्रेंड और युवा संस्कृति की अच्छी समझ है. उन्होंने कहा, “वह तकनीक, संगीत, खेल और सिनेमा पर घंटों बात कर सकते हैं. यह उनकी राजनीति की शैली को दिखाता है.” उन्होंने कहा, “लैपटॉप योजना के पीछे सिर्फ चुनावी राजनीति नहीं, बल्कि युवाओं का उत्थान और तकनीक तक ज्यादा पहुंच का विचार है.”
लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे सिर्फ राजनीतिक दिखावा बताया. BJP के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, “यह समाजवादी पार्टी की तरफ से अखिलेश को बड़ा नेता दिखाने की कोशिश है. कई नेता लोगों की मदद करते हैं, बिना उसका प्रचार किए.”
उन्होंने आरोप लगाया कि SP शासन के दौरान लैपटॉप वितरण मुख्य रूप से मुस्लिम-यादव वोट बैंक पर केंद्रित था, जो पारंपरिक रूप से पार्टी से जुड़ा माना जाता है. उन्होंने कहा, “उस छवि को बदलने के लिए वे दूसरे लोगों तक भी पहुंच रहे हैं. लेकिन आखिरकार यह छवि बनाने की कवायद है. इससे उन्हें युवाओं या जेन Z वोटरों का समर्थन नहीं मिलेगा.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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