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Monday, 26 October, 2026
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कौन है नीरज फरीदपुरिया, लास वेगास में हिरासत में लिया गया बंबीहा गैंग का सरगना

नीरज फरीदपुरिया दुबई के रास्ते कनाडा भाग गया था और उस पर विदेश से फिरौती वसूलने के गिरोह चलाने का आरोप है. उसे हिमांशु भाऊ के साथ लास वेगास में हिरासत में लिया गया. हरियाणा पुलिस को अब उम्मीद है कि वह उसे वापस ला सकेगी.

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चंडीगढ़: गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया को 2015 में हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी. चार साल बाद पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने उसे जमानत दे दी और वह जेल से बाहर आ गया. आज वह अमेरिका के एक इमिग्रेशन केंद्र में है.

हरियाणा के फरीदाबाद के फरीदपुर गांव का रहने वाला नीरज फरीदपुरिया 22 अक्टूबर को नेवादा के लास वेगास इलाके में गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के साथ हिरासत में लिया गया. हिमांशु भाऊ मूल रूप से रोहतक का रहने वाला है. दोनों पर लंबे समय से विदेश में रहकर हरियाणा में आपराधिक गिरोह चलाने का आरोप है.

फरीदाबाद पुलिस ने कहा कि उसे नीरज की हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली है और वह इससे जुड़ी और जानकारी जुटा रही है. सोमवार को दिप्रिंट से बात करते हुए फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस प्रवक्ता विकास चौधरी की 2019 में हुई हत्या के मामले में नीरज को भारत लाने के लिए उसके प्रत्यर्पण की सिफारिश पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) को भेजी जा चुकी है.

गुप्ता ने कहा कि हरियाणा पुलिस का स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) नीरज फरीदपुरिया को वापस हरियाणा लाने के सभी तरीकों पर काम कर रहा है.

स्थानीय गुंडे से गैंग का सरगना बनने तक

पुलिस सूत्रों ने बताया कि नीरज ने 2013-14 के आसपास अपराध की दुनिया में कदम रखा. शुरुआत में वह फरीदाबाद और पलवल में काम करता था.

फरीदाबाद पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) यशपाल ने दिप्रिंट को बताया कि हरियाणा में नीरज के खिलाफ 41 आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें हत्या के कम से कम चार मामले शामिल हैं. बाकी मामलों में हत्या की कोशिश, डकैती, लूट, फिरौती मांगने, अवैध हथियार रखने और मारपीट के आरोप हैं. फरीदाबाद और पलवल में उसके खिलाफ करीब 12-12 मामले दर्ज हैं. गुरुग्राम और सोनीपत में भी उसके खिलाफ मामले हैं.

यशपाल ने कहा कि नीरज के खिलाफ कुछ मामलों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और एसटीएफ भी कर रही हैं. उन्होंने कहा, “जब उसे प्रत्यर्पण के जरिए भारत लाया जाएगा, तो सबसे पहले उसकी हिरासत बड़ी एजेंसी एनआईए को मिलेगी. इसके बाद एसटीएफ और आखिर में संबंधित जिलों की पुलिस को उसकी हिरासत दी जाएगी.”

उन्होंने बताया कि जब एक आरोपी कई एजेंसियों को चाहिए होता है, तो इस प्रक्रिया का पालन किया जाता है.

नीरज फरीदपुरिया को 2012 में हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और तीन साल बाद उसे दोषी ठहराया गया. 2019 में जमानत मिलने के बाद उसका नाम पलवल में हुई एक और हत्या के मामले में सामने आया. उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वाले को 25,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई थी.

जेल में ही उसका संपर्क बढ़ा और वह अपराध की दुनिया में आगे बढ़ा. पुलिस सूत्रों ने बताया कि जेल में उसकी मुलाकात गुरुग्राम के नाहरपुर रूपा के कौशल चौधरी और अमित डागर से हुई. कौशल को बंबीहा गैंग का पुराना सदस्य बताया जाता है. उसी के जरिए नीरज इस आपराधिक गिरोह में शामिल हुआ.

26 जून 2019 को हरियाणा कांग्रेस के तत्कालीन प्रवक्ता विकास चौधरी की फरीदाबाद में एक जिम के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. जांचकर्ताओं ने इस हत्या में नीरज और कौशल के नाम शामिल किए. पुलिस के मुताबिक, विकास को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उसने फिरौती देने से इनकार कर दिया था.

जमानत मिलने के बाद नीरज दुबई के रास्ते कनाडा चला गया. नवंबर 2023 में दावा किया गया कि बंबीहा गैंग की कमान उसे सौंप दी गई है. इससे पहले माना जाता था कि आर्मेनिया में रहने वाला लकी पटियाल गैंग का कामकाज संभाल रहा था.

बाद के कई मामलों में भी नीरज का नाम सामने आता रहा. जुलाई 2024 में पलवल के चांदहट गांव के एक व्यक्ति को फोन आया और उससे एक करोड़ रुपये की मांग की गई. फोन करने वाले ने खुद को नीरज फरीदपुरिया बताया और पैसे देने से इनकार करने पर उस व्यक्ति के परिवार को जान से मारने की धमकी दी.

अगस्त 2025 में बाइक पर आए लोगों ने गुरुग्राम में यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर गोलियां चलाईं. पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान नीरज और हिमांशु भाऊ के गैंग से जुड़े शूटरों के नाम सामने आए. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी इसी गैंग से जुड़ा पाया गया.

अक्टूबर 2022 में एनआईए ने फरीदपुर में नीरज के परिवार के घर पर भी छापा मारा था. इससे पहले प्रशासन ने उसके घर के एक हिस्से को गिरा दिया था.

कौन था दविंदर बंबीहा

इस गैंग का नाम दविंदर सिंह सिद्धू से पड़ा, जिसे दविंदर बंबीहा के नाम से जाना जाता था.

दविंदर पंजाब के मोगा जिले के बंबीहा भाई गांव का रहने वाला था. अपराध की दुनिया में आने से पहले वह कबड्डी खिलाड़ी था. 2010 में उसे हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था. जेल में रहने के दौरान उसने अपना गिरोह और संपर्क बढ़ाए.

9 सितंबर 2016 को पंजाब पुलिस के साथ मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई. लेकिन गैंग खत्म नहीं हुआ. उसके साथियों, जिनमें लकी पटियाल और सुखप्रीत बुड्ढा शामिल थे, ने पंजाब, दूसरे राज्यों और विदेशों से उसके नाम पर काम करना जारी रखा.

इस आपराधिक गिरोह ने हरियाणा के अपराधियों से भी संबंध बनाए. इसी दौरान नीरज का नाम सामने आया.

बिश्नोई गैंग के साथ खूनी दुश्मनी

जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह और बंबीहा गैंग की दुश्मनी की शुरुआत चंडीगढ़ की कैंपस राजनीति और पंजाब की जेलों से जुड़ी है. पंजाब में जन्मे बिश्नोई ने छात्र राजनीति से आगे बढ़ते हुए पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान तक फैला अपना नेटवर्क बनाया.

दोनों गैंग के बीच दुश्मनी हत्या और बदले में हत्या की घटनाओं के साथ बढ़ती गई.

अक्टूबर 2020 में बिश्नोई के साथी गुरलाल बराड़ की चंडीगढ़ में गोली मारकर हत्या कर दी गई. वह गोल्डी बराड़ (सतिंदरजीत सिंह बराड़) का चचेरा भाई था. पुलिस ने इस हत्या को बंबीहा गैंग से जोड़ा.

अगस्त 2021 में यूथ अकाली दल के नेता विक्की मिड्डूखेड़ा की मोहाली में गोली मारकर हत्या कर दी गई. बिश्नोई गैंग ने आरोप लगाया कि गायक सिद्धू मूसेवाला के करीबी बंबीहा गैंग के लोगों की इस हत्या में भूमिका थी. इसके बाद की घटनाओं की शुरुआत इसी आरोप से हुई.

मार्च 2022 में कबड्डी खिलाड़ी संदीप सिंह नंगल अंबिया की जालंधर जिले में एक टूर्नामेंट के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई. खबरों में इस हत्या को बंबीहा गैंग से जोड़ा गया.

इसके बाद 29 मई 2022 को मानसा जिले के जवाहरके गांव में सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई. उस समय बिश्नोई के साथी गोल्डी बराड़ ने सोशल मीडिया पर बिश्नोई गैंग की ओर से हत्या की जिम्मेदारी ली और कहा कि यह मिड्डूखेड़ा की हत्या का बदला था. इस हत्या के बाद दोनों गैंग की दुश्मनी देशभर में चर्चा का विषय बन गई. बंबीहा गैंग और उसके साथियों ने बदला लेने की धमकी दी, जबकि दविंदर बंबीहा की मौत को करीब छह साल हो चुके थे.

सितंबर 2023 में बंबीहा गैंग से जुड़े सुखदूल सिंह उर्फ सुखा दुनेके की कनाडा के विन्निपेग में गोली मारकर हत्या कर दी गई. बिश्नोई गैंग ने ऑनलाइन इस हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया.

पुलिस सूत्रों ने सावधान किया है कि सोशल मीडिया पर किसी गैंग की ओर से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा इस बात का सबूत नहीं है कि हत्या उसी ने की है. छोटे अपराधी भी लोगों को डराने के लिए बड़े गैंग के नाम का इस्तेमाल करते हैं.

इसके अलावा, 2025 में बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के बीच अनबन की खबरें आईं. बताया गया कि बराड़ रोहित गोदारा के साथ हो गया, जबकि बिश्नोई नोनी राणा के साथ था. ये जानकारियां पुलिस और खुफिया एजेंसियों के सूत्रों से मिली हैं, किसी अदालत के फैसले से नहीं. अब यह दुश्मनी सिर्फ दो गैंग के बीच की लड़ाई नहीं रह गई है.

हरियाणा पुलिस के लिए फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि नीरज को मुकदमे का सामना करने के लिए वापस भारत कब और कैसे लाया जा सकता है. पुलिस सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में काफी समय लग सकता है, क्योंकि सबसे पहले अमेरिकी अधिकारियों को उसके इमिग्रेशन मामले पर फैसला करना होगा.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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