चंडीगढ़: चार साल से ज्यादा समय तक दिल्ली और हरियाणा की पुलिस एक ऐसे शख्स की तलाश में जुटी रही, जिसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था. शुक्रवार को लास वेगास में उसके ठिकाने की जानकारी मिलने के बाद यह तलाश खत्म हो गई.
रोहतक के रिटोली गांव का रहने वाला हिमांशु उर्फ भाऊ, जो उत्तर भारत के सबसे ज्यादा वांछित गैंगस्टरों में से एक है, को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है. उसके साथ गैंगस्टर नीरज कौशिक को भी पकड़ा गया है, जिसे नीरज फरीदपुर के नाम से जाना जाता है.
हरियाणा पुलिस के एक अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर दिप्रिंट को बताया कि दिल्ली और हरियाणा पुलिस की टीमें अमेरिका में हिमांशु भाऊ पर नजर रख रही थीं. अधिकारी के मुताबिक, तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस लास वेगास में उसके ठिकाने तक पहुंची. इसके बाद यह जानकारी अमेरिकी एजेंसियों के साथ साझा की गई.
रिटोली से इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस तक
हिमांशु भाऊ की उम्र अब 24 साल है. पिछले साल जब दिप्रिंट रोहतक के गैंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट करने के लिए रिटोली गया था, तब गांव के लोगों ने बताया था कि बचपन में हिमांशु पढ़ाई में अच्छा था और उसे कबड्डी खेलना पसंद था.
हिमांशु और एक अन्य स्थानीय गैंगस्टर अंकित बाबा किशोरावस्था के बीच तक गहरे दोस्त थे, लेकिन बाद में दोनों एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन बन गए. कहा जाता है कि 2019 में एक कार को लेकर उनकी दोस्ती टूट गई.
2019 में अंकित के एक दोस्त हंसराज उर्फ हंसे ने ग्रामीण रूट पर चलाने के लिए एक बस खरीदी थी. उसने हिमांशु को बस के साथ बाइक पर चलकर उसकी “सुरक्षा” करने के लिए कहा. लेकिन हिमांशु बाइक नहीं चाहता था. वह कार चाहता था. इसलिए हंसे ने अंकित के परिवार के नाम पर लोन लिया और एक कार खरीद दी.
जब अंकित के परिवार ने कार वापस मांगी, तो हिमांशु ने इनकार कर दिया. इसके बाद दोनों की दोस्ती तेजी से दुश्मनी में बदल गई.
तब से दोनों गैंग एक-दूसरे के खिलाफ खूनी लड़ाई लड़ रहे हैं.
लोन को लेकर हुए इस विवाद के कुछ ही समय बाद हिमांशु ने रिटोली स्टेडियम में अंकित के भाई सनी पर गोली चलाई. हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ. उस समय हिमांशु की उम्र 17 साल थी और उसे हिसार के एक बाल सुधार गृह भेज दिया गया.
अक्टूबर 2020 में उसने कई अन्य लोगों के साथ वहां के कर्मचारियों पर हमला किया और फरार हो गया.
पुलिस का कहना है कि इसके बाद वह दिल्ली की जेल में बंद गैंगस्टर नीरज बवाना के करीब आ गया. उसने कारोबारियों से पैसे वसूलने के लिए उन्हें धमकाना शुरू किया और धीरे-धीरे अपना गैंग बना लिया.
अंकित के साथ उसकी दुश्मनी मार्च 2022 में जानलेवा हो गई. आरोप है कि अंकित के गैंग ने हिमांशु के चचेरे भाई रोहित उर्फ बजरंग की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके पांच दिन बाद हिमांशु के लोगों ने कथित तौर पर रिटोली बस स्टैंड पर हंसराज की हत्या कर दी.
पुलिस का कहना है कि हिमांशु जाली पासपोर्ट के जरिए जल्द ही भारत से फरार हो गया. वह पहले पुर्तगाल गया और बाद में अमेरिका पहुंचा. 2023 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया.
हरियाणा पुलिस ने उस पर 2.5 लाख रुपये और दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था.
मामले और गैंग
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिमांशु भाऊ के खिलाफ अकेले हरियाणा में करीब 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें हत्या, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और जालसाजी के मामले शामिल हैं.
दिल्ली में उसके गैंग का नाम 2024 में राजौरी गार्डन के बर्गर किंग आउटलेट पर हुई गोलीबारी में सामने आया था. इस घटना में 26 साल के एक युवक की हत्या कर दी गई थी. इसी साल नारायणा में एक कार शोरूम पर हुई गोलीबारी में भी उसके गैंग का नाम जुड़ा था.
2025 में गैंग ने गुरुग्राम में यूट्यूबर एल्विश यादव के घर के बाहर गोलीबारी की जिम्मेदारी ली थी. खबरों में यह भी कहा गया कि इसी साल 14 सितंबर को दिल्ली में एक जिम ट्रेनर को गोली मारने की जिम्मेदारी भी गैंग ने ली थी.
पुलिस का कहना है कि यह गैंग वर्चुअल नंबरों और सोशल मीडिया के जरिए काम करता है. गैंग के सदस्य कारोबारियों, शराब के ठेकेदारों और प्रॉपर्टी डीलरों को फोन करते हैं और उनसे सुरक्षा के नाम पर पैसे मांगते हैं. जो लोग पैसे देने से इनकार करते हैं, उनके यहां गोलीबारी की जाती है.
हिमांशु बंबीहा गैंग और नीरज बवाना के करीब है. उसे लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के गैंगों का दुश्मन माना जाता है.
म्यूजिक लेबल से जुड़ा मामला
अक्टूबर 2025 में IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की मौत के मामले में हिमांशु के करीबी लोगों में से एक का नाम सामने आया था.
हरियाणवी म्यूजिक लेबल जेम्स ट्यून्स के मालिक राव इंद्रजीत यादव पर दिसंबर 2024 में रोहतक के फाइनेंसर मनजीत दीघल की हत्या का आरोप है. इस हत्या की जिम्मेदारी हिमांशु भाऊ के ग्रुप ने ली थी. खबरों के मुताबिक, इसके बाद इंद्रजीत भारत से फरार हो गया था. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी.
7 अक्टूबर को कुमार की मौत के एक हफ्ते बाद रोहतक में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर संदीप लाठर ने आत्महत्या कर ली. अपने आखिरी वीडियो और नोट में लाठर ने आरोप लगाया कि कुमार ने एक हत्या के मामले में इंद्रजीत का नाम हटाने के लिए 50 करोड़ रुपये की डील की थी.
उस समय बताया गया था कि इंद्रजीत अमेरिका में था और भाऊ गैंग से जुड़ा हुआ था. ये आरोप लाठर ने लगाए थे. जब ये खबरें सामने आईं, तब जांचकर्ताओं ने वीडियो की पुष्टि नहीं की थी.
रिटोली में हालात
जून 2025 में जब दिप्रिंट ने रिटोली का दौरा किया था, तब किसान अनिल कुमार की खेत में गोली मारकर हत्या किए जाने के कुछ ही दिन बीते थे. अनिल कुमार, अंकित बाबा के चाचा थे.
उस समय सुबह 10 बजे तक गांव की किराने की दुकानें बंद हो चुकी थीं और पुलिस गांव में आने वाले हर वाहन की जांच कर रही थी. स्थानीय पुलिस के मुताबिक, करीब 5,000 की आबादी वाले रिटोली गांव के लगभग 500 लोगों के नाम जमीन पर कब्जे से लेकर हत्या तक के अलग-अलग मामलों में दर्ज थे.
हिमांशु के परिवार का घर एक साधारण मकान है, जो अंकित के घर से कुछ ही मिनट की दूरी पर है. उस दिन गांव की सुनसान गली में करीब 10 साल का एक लड़का फुटबॉल खेल रहा था.
जब दिप्रिंट ने हिमांशु और अंकित बाबा के बीच दुश्मनी के बारे में पूछने के लिए एक बुजुर्ग से बात की, तो उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “मत पूछो, जाओ!”
अब भारतीय एजेंसियां अमेरिका के अधिकारियों की ओर से आधिकारिक जानकारी मिलने का इंतजार कर रही हैं. उन्हें यह जानना है कि हिमांशु को भारत प्रत्यर्पित करने और उसके बाद होने वाली कानूनी कार्रवाई को लेकर क्या फैसला लिया जाता है.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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