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Saturday, 24 October, 2026
होमदेशचार साल की तलाश खत्म, वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज लास वेगास में पकड़े गए

चार साल की तलाश खत्म, वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज लास वेगास में पकड़े गए

हिमांशु और नीरज की हिरासत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों ने कुछ महीने पहले ऑपरेशन हार्ड बॉल शुरू किया था. इसके तहत लॉरेंस बिश्नोई समेत कई गैंगस्टरों पर आरोप लगाए गए थे.

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नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में जबरन वसूली से लेकर हत्या और हत्या की कोशिश तक के 100 से ज्यादा मामलों का सामना कर रहे दो भारतीय गैंगस्टरों को शुक्रवार को अमेरिका की इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (आईसीई) ने हिरासत में लिया. हिमांशु उर्फ भाऊ और नीरज उर्फ नीरज फरीदपुर को पिछले साल जारी इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर लास वेगास में हिरासत में लिया गया. हरियाणा के रहने वाले ये दोनों गैंगस्टर करीब चार साल पहले फर्जी पासपोर्ट के जरिए अमेरिका भाग गए थे. अब उन्हें भारत वापस भेजा जा सकता है.

इस मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) दोनों पर नज़र रख रही थी. उसने भारतीय केंद्रीय एजेंसियों और अमेरिकी कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया. एसटीएफ ने दोनों को पकड़ने के लिए उनकी गतिविधियों और ठिकाने से जुड़ी जानकारी तुरंत अमेरिकी एजेंसियों को दी.

स्पेशल टास्क फोर्स के एक अधिकारी ने शनिवार को कहा, “हमने केंद्रीय एजेंसियों के जरिए अमेरिकी कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ जो जानकारी साझा की थी, उसके आधार पर दोनों को कल लास वेगास में हिरासत में लिया गया.”

अधिकारी ने आगे कहा, “फर्जी तरीके से दूसरे लोगों के नाम पर हासिल किए गए पासपोर्ट पर भागने के बाद दोनों 2024 से साथ मिलकर काम कर रहे थे.”

हिमांशु और नीरज की हिरासत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने अमेरिका से काम कर रहे विदेशी अपराधियों और संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई तेज़ कर दी है. इस साल जुलाई में अमेरिकी एजेंसियों ने कनाडा और यूरोप की एजेंसियों के साथ मिलकर ऑपरेशन हार्ड बॉल शुरू किया था. इसके तहत दो दर्जन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और लॉरेंस बिश्नोई समेत कई बड़े गैंगस्टरों और उसके साथियों जग्गू भगवानपुरिया और गोल्डी बराड़ पर आरोप लगाए गए.

100 से ज्यादा मामले

पुलिस की फाइलों के मुताबिक, भाऊ एक कुख्यात अपराधी है. उस पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कारोबारियों को जबरन वसूली के लिए फोन करने और उन पर गोली चलाने के आरोप हैं. हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में उसके खिलाफ कुल 61 मामले हैं. हरियाणा के रोहतक जिले के रहने वाले भाऊ को 2020 में हिसार के एक किशोर निगरानी गृह से भागने के बाद पहचान मिली. एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि वह करीब चार साल पहले उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के रहने वाले कुनाल सिंह के नाम के पासपोर्ट का इस्तेमाल करके देश से भाग गया था. हरियाणा एसटीएफ ने जून 2024 में उसका पासपोर्ट रद्द कराने की कार्रवाई शुरू की और उसके खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर हासिल किया.

इसी तरह, अधिकारियों के मुताबिक करीब 40 मामलों का सामना कर रहा नीरज भी हरियाणा के गुरुग्राम जिले के रहने वाले बताए गए कपिल शर्मा के नाम पर फर्जी तरीके से हासिल किए गए पासपोर्ट का इस्तेमाल करके भारत से भाग गया था. उसका पासपोर्ट अगस्त 2024 में रद्द कर दिया गया था.

पुलिस की फाइलों के मुताबिक, नीरज ने 2015 में पहला अपराध किया था, लेकिन 2019 में उसे उस साजिश में शामिल होने के बाद पहचान मिली, जिसके तहत फरीदाबाद में कांग्रेस नेता विकास चौधरी की हत्या की गई थी.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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