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Saturday, 24 October, 2026
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दलेर मेहंदी विवाद: कांग्रेस ने की माफी की मांग, जबकि CM धामी ने संभाला मामला

मंच पर नशे में होने के शक में मंत्री की दलेर मेहंदी को सार्वजनिक रूप से फटकार के बाद उत्तराखंड में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है. कांग्रेस ने माफी की मांग की है, जबकि बीजेपी के सीएम धामी ने मामला सुलझाने की कोशिश की है.

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नई दिल्ली: उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की लोकप्रिय गायक दलेर मेहंदी को न्यू टिहरी में कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर नशे में होने को लेकर सार्वजनिक रूप से फटकार अब राजनीतिक रूप ले रही है. विपक्षी कांग्रेस भी इस मामले में शामिल हो गई है और मंत्री से माफी मांगने को कहा है.

राज्य की कुल आबादी में सिखों की हिस्सेदारी सिर्फ 2.34 प्रतिशत है, लेकिन ऊधम सिंह नगर जिले में उनकी अच्छी-खासी संख्या है. इस जिले में रुद्रपुर और तराई क्षेत्र के दूसरे शहर शामिल हैं. जिले की आबादी में सिख करीब 9.9 प्रतिशत हैं और 9 विधानसभा सीटों के नतीजे तय करने में उनकी अहम भूमिका है.

18 अक्टूबर को सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में मंत्री उनियाल ने मेहंदी की परफॉर्मेंस के बीच उन्हें रोक दिया और कहा, “आप बोल भी नहीं पा रहे हैं, तो गाना कैसे गाएंगे?” मंत्री ने इशारा किया कि गायक नशे में थे. दोनों के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अमरजीत सिंह ने बिना मेडिकल जांच के यह आरोप लगाने के लिए उनियाल की आलोचना की और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की.

राजस्थान कांग्रेस सेवादल ने पोस्ट किया, “तो क्या सिर्फ इसलिए कि मशहूर गायक दलेर मेहंदी सिख हैं, उत्तराखंड के बीजेपी मंत्री ने मान लिया कि वह नशे में थे? वह बीमार भी तो हो सकते थे? क्या बीजेपी सिख कलाकारों को इसी नज़र से देखती है?”

बाद में उनियाल ने कहा कि उन्हें शक था कि मेहंदी लिप-सिंक कर रहे थे और ऐसा लग रहा था कि वह ठीक से बोल या चल नहीं पा रहे थे. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनसे बीच में आने को कहा था और उन्हें पता नहीं था कि गायक की तबीयत खराब थी.

मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह ने भी माफी की मांग की और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले में दखल देने की अपील की.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 22 अक्टूबर को कहा कि उन्होंने मीका सिंह से बात की है और वह मेहंदी से भी बात करेंगे. उनियाल का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि हो सकता है मंत्री पर वहां मौजूद लोगों का दबाव रहा हो और उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि गायक की तबीयत खराब थी.

मुख्यमंत्री धामी ने एक्स पर कहा कि उत्तराखंड में कलाकारों का स्वागत और सम्मान करने की परंपरा रही है और गलतफहमी को बातचीत के जरिए दूर किया जाना चाहिए.

धामी ने पोस्ट किया, “मशहूर गायक श्री @dalermehndi जी से फोन पर बात कर उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली. इस दौरान हाल में हुई घटनाओं को लेकर भी चर्चा हुई. देवभूमि उत्तराखंड ‘अतिथि देवो भव’ की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने वाली भूमि है. हमारी लोक संस्कृति, गर्मजोशी से स्वागत करने की परंपरा और आपसी सद्भाव की भावना देवभूमि की खास पहचान है. कला, संस्कृति और कलाकारों का यहां हमेशा स्वागत और सम्मान किया गया है.”

राजनीतिक विश्लेषक चंद्रचूड़ सिंह ने कहा कि दलेर मेहंदी की लोकप्रियता और धार्मिक संगीत से उनके जुड़ाव के बावजूद इस विवाद का राजनीतिक रूप से कोई बड़ा असर होने की संभावना कम है.

उन्होंने कहा, “दलेर मेहंदी बड़े स्टार हैं और धार्मिक गीत भी गाते हैं, इसलिए सिख समुदाय नाराज़ हो सकता है, लेकिन चुनाव में अभी समय है. इसका राजनीतिक रूप से बहुत बड़ा असर शायद नहीं होगा.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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